अलगाववादियों की फंडिंग की गहन जांच की तैयारी में सरकार
घाटी के अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस के सदस्य फिरदौस अहमद शाह के मुंबई आतंकी हमले 26/11 के फाइनेंसर से संबंध होने और मनी लाउंड्रिंग के जरिए इटली से तीन करोड़ मिलने के ईडी के खुलासे के बाद गृहमंत्रालय हरकत में आ गया है।
गृहमंत्रालय ने ईडी से इस मामले का पूरा ब्यौरा मांगा है। मंत्रालय के मुताबिक इस आधार पर अन्य संदिग्ध अलगाववादी नेताओं की जांच की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
साथ ही शाह के टेरर लिंक के मद्देनजर आगे भी जांच की जाएगी। शाह कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के हुर्रियत कांफ्रेंस का सदस्य है।
बड़े हमले में होता है फंडिंग का रोल
लेकिन टेरर लिंग आते ही गैरकानूनी गतिविधी निरोधक कानून (यूएपीए) के दायरे में इसकी जांच होनी चाहिए। गौरतलब है कि ईडी ने आरोप लगाया है कि शाह ने 2007 से 2010 के बीच मनी लाउंड्रिंग के जरिए तीन करोड़ रुपए प्राप्त किया है।
सूत्रों ने बताया कि 26/11 जैसे किसी भी बड़े आतंकी वारदात में फंडिंग का अहम रोल होता है। सरकार टेरर फंडिंग को रोकने के लिए कई मोर्चे पर काम कर रही है।
घाटी में पिछले कुछ महीनों से कई तरह की रहस्यमयी गतिविधियां देखी जा रही है। संभव है कि विदेशी एजेंसियों के जरिए वहां मोटी रकम भेजी जा रही है।