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मॉनसून में हुई देरी तो 10 करोड़ खर्च कर सरकार कराएगी बारिश

Wed, 03 Jun 2015 06:17 PM IST
Updated Wed, 03 Jun 2015 06:17 PM IST
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government is planning artificial rain in maharashtra

मानसून की देरी को लेकर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद महाराष्ट्र सरकार ने इससे निपटने की तैयार भी शुरू कर ली है।

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मानसून अनुकूल न रहने पर जून के अंतिम सप्ताह में रॉकेट और विमान के जरिए कृत्रिम बारिश कराए जाने की तैयारी की योजना है। यह बारिश विदर्भ, मराठवाड़ा और खानदेश जैसे इलाकों में की जाएगी।

मंगलवार को राजस्व एवं राहत व पुनर्वास विभाग मंत्री एकनाथ खडसे ने इसकी जानकारी दी। एकनाथ खडसे ने बताया कि कृत्रिम बारिश पर 8 से 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। लेकिन, इससे फसलों को बचाया जा सकेगा।
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उन्होंने बताया कि कृत्रिम बारिश कराने के लिए भारतीय मौसम विभाग, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी विभाग और राज्य के राहत व पुनर्वास विभाग के अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है।
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रॉकेट और विमानों के ज‌रिए कराई जाती है कृत्रिम बारिश

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खडसे ने बताया कि बारिश न होने की स्थिति में इस समिति के माध्यम से आवश्यकतानुसार कृत्रिम बारिश करवाने का इंतजाम किया जाएगा।

इस तरह होती है कृत्रिम वर्षाः कृत्रिम बारिश के लिए रॉकेट और विमानों का उपयोग किया जाता है। रॉकेट की मदद से जहां 20 किलोमीटर के परिसर में कृत्रिम बारिश हो सकती है। 

वहीं, विमान के जरिए 200 से लेकर 300 किलोमीटर परिसर में बारिश कराई जा सकती है। दरअसल, बारिश वाले बादलों को डॉप्लर रडार के जरिये खोजा जाता है और बादलों पर सिल्वर आयोडॉइड रसायन का फव्वारा मारा जाता है। इस फव्वारे से बादल में पानी की बूंदें बनती हैं और उसके बाद बारिश होने लगती है।

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