फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   government is going to launch a watch for women's safety

मुसीबत में होंगी आप तो ये घड़ी करेगी सुरक्षा

Mon, 18 Mar 2013 09:28 AM IST
धीरज कनोजिया/नई दिल्ली
धीरज कनोजिया/नई दिल्ली Updated Mon, 18 Mar 2013 09:28 AM IST
विज्ञापन
government is going to launch a watch for women's safety

महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर केंद्र सरकार एक ऐसी घड़ी बाजार में उतारने जा रही है, जिससे मुसीबत के वक्त पुलिस और परिजनों को सूचना दी जा सकेगी।

विज्ञापन


केंद्र सरकार 2014 लोकसभा चुनावों से पहले ऐसी एक लाख सुरक्षा घड़ियां बाजार में उतारने की तैयारी में जुट गई है। सरकार ने इन घड़ियों के निर्माण का जिम्मा निजी कंपनियों को सौंपने का फैसला कर लिया है।
विज्ञापन


सूचना और तकनीकी मंत्रालय इसी महीने टेंडर निकालने की तैयारी में है। पहले सरकारी संस्थाओं से इन घड़ियों को तैयार करवाने की योजना थी। मगर देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बने संवेदनशील माहौल को भांपते हुए सरकार इन घड़ियों को जल्द से जल्द बाजार में उतारना चाहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही सरकार इसे सस्ती कीमत में उपलब्ध कराने के लिए सब्सिडी देने पर भी विचार कर रही है। इन घड़ियों में एक बटन होगा जिसे दबाते ही पुलिस और महिला के रिश्तेदारों को उसके मुसीबत में फंसे होने की सूचना मिल जाएगी।

2014 तक बाजार में होगी घड़ी

महिला सुरक्षा घड़ियों को बाजार में उतारने के लिए दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल इस सिलसिले में कुछ तकनीकी कंपनियों से बात कर चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक सिब्बल ने ग्रीन इनोवेशंस कंपनी से बातचीत की है।

कुछ और कंपनियों से मंत्रालय के अधिकारियों की बातचीत जारी है। पहले मंत्रालय सी-डैक और इंडिया टेलीफोन इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर ऐसी घड़ी विकसित करने पर विचार कर रहा था। मगर इस प्रक्रिया में सरकार को देरी की आशंका थी। जबकि सरकार इसे 2014 से पहले किसी भी सूरत में बाजार में लांच करने की तैयारी में है।

ऐसे में निजी कंपनियों को टेंडर देने पर विचार किया गया है। सूचना और तकनीकी मंत्रालय इसी महीने टेंडर निकालने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि तीन कंपनियों को लगभग एक लाख घड़ियां बनाने का ठेका दिया जा सकता है।
 
ऐसे काम करेंगी ये घड़ियां

इस घड़ी में ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस लगाने की बात कही जा रही है। इसके जरिए महिला की ओर से शिकायत का संदेश मिलते ही तत्काल महिला के लोकेशन का पता कर लिया जाएगा।


शिकायत करने के लिए महिला को न तो कोई फोन करना है और न चिल्लाकर मदद मांगनी है। घड़ी में लगा बटन दबाते ही एक साथ कई एसएमएस अपने आप स्थानीय पुलिस थाने को चले जाएंगे।

साथ ही एक एसएमएस उस व्यक्ति को जाएगा जिसका नाम महिला ने पहले से अपनी लिस्ट में शामिल कर रखा होगा।

कितनी होगी कीमत

इस घड़ी की कीमत एक हजार से तीन हजार रुपये तक होने का अनुमान है। वैसे सिब्बल ने पहले दावा किया था कि इसे 500 से 700 रुपये की कीमत में बेचा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed