प्रसार भारती का कड़ा रुख, डैमेज कंट्रोल में सरकार
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दूरदर्शन की नई महानिदेशक वीना जैन की नियुक्ति और डीडी किसान चैनल की लॉन्चिंग को लेकर सरकार और प्रसार भारती के बीच छिड़े विवाद को लेकर अब डैमेज कंट्रोल शुरू हो गया है। प्रसार भारती बोर्ड के कड़े रुख में नरमी देखने को नहीं मिल रही है। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि सरकार दूरदर्शन और प्रसार भारती के कामकाज में किसी तरह की दखलंदाजी नहीं करती।
वहीं प्रसार भारती के अध्यक्ष ए सूर्य प्रकाश ने अमर उजाला को कहा कि सरकार और प्रसार भारती के बीच कोई टकराव की स्थिति नहीं है। इस मामले को ज्यादा ही तूल दिया जा रहा है। दूसरी तरफ प्रसार भारती सीईओ जवाहर सरकार ने कहा है कि वीना जैन की नियुक्ति का आदेश उन तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक तथ्य साफ नहीं होते हमें किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
सरकार और प्रसार भारती के बीच ये है विवाद
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने वीना जैन को दूरदर्शन के महानिदेशक और मंत्रालय की नई मीडिया विंग व सोशल मीडिया सेल का ओएसडी नियुक्त किया है। विवाद तब बढ़ा जब सूचना और प्रसारण मंत्रालय के आदेश में कहा गया कि वह मंत्रालय को इन सभी मामलों को लेकर रिपोर्ट करेंगी। सवाल उठा कि प्रसार भारती और दूरदर्शन के स्वायत्त संस्था होने के बावजूद आखिर जैन कैसे मंत्रालय को रिपोर्ट करेंगी।
सरकार की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि जैन मंत्रालय में सोशल मीडिया सेल की ओएसडी के तौर पर कार्यरत हैं, इसलिए उन्हें मंत्रालय को रिपोर्ट करने के लिए कहा है।
अब नया विवाद डीडी किसान चैनल की लॉन्चिंग को लेकर है। कहा जा रहा है कि सरकार ने प्रसार भारती के अध्यक्ष ए सूर्यप्रकाश को चिट्ठी लिखकर कहा कि डीडी किसान की लॉन्चिंग को लेकर सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से निर्देश दिए गए। इससे बोर्ड में उलझन बढ़ी और लॉन्चिंग कार्यक्रम के प्रसारण में दूरदर्शन को परेशानी का सामना करना पड़ा।