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संसद में ममता के समर्थन को लेकर केंद्र आश्वस्त

Sun, 23 Nov 2014 03:00 PM IST
Updated Sun, 23 Nov 2014 03:00 PM IST
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Government have faith on Mamata Banerjees's support in parliament

संसद के शीत सत्र से पहले तृणमूल सांसद की गिरफ्तारी के बाद ममता बनर्जी भले ही उखड़ गई हों मगर मोदी सरकार जरूरत पड़ने पर संसद में अहम विधायी कामकाज में तृणमूल कांग्रेस का समर्थन हासिल करने के प्रति आश्वस्त है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने संकेत दिया है कि अपने दर्जन भर सांसदों के चिट फंड घोटाले की जांच कर रही सीबीआई के शिकंजे में फंसे होने के चलते तृणमूल सुप्रीमो अब केंद्र सरकार से सीधे टकराव लेने से परहेज करेंगी।

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कई विधेयकों को राज्यसभा में पारित कराने के लिए सरकार को तृणमूल की मदद की जरूरत पड़ सकती है। उधर, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुलायम सिंह और मायावती की तरह ममता केंद्र के सामने हथियार नहीं डालेंगी। सीबीआई ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शृंजॉय बोस को कोलकाता में गिरफ्तार कर लिया। इसे लेकर ममता बनर्जी ने शनिवार को केंद्र पर राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया और साथ ही मोदी सरकार को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की चुनौती दे दी।
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ममता ने आरोप लगाया कि नेहरू की विरासत को लेकर कांग्रेस के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के चलते ही केंद्र के इशारे पर सीबीआई ने उनके सांसद को गिरफ्तार कर लिया। मगर दूसरी तरफ ममता के कड़े रुख के बाद सरकार में शीर्ष स्तर पर राय बन रही है कि इतने सांसदों के चिट फंड में फंसे होने के चलते ममता टकराव की राजनीति ज्यादा दिनों तक मोल नहीं ले सकती हैं।

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एफडीआई विरोध पर अड़ीं दीदी

Government have faith on Mamata Banerjees's support in parliament

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भले ही मोदी सरकार के अहम बिलों पर अडंगा नहीं लगाएंगी, लेकिन उन्होंने तय किया है कि वो एफडीआई बिल का खुलकर विरोध करेंगी।

दीदी ने शीतकालीन सत्र में एफडीआई बिल का विरोध करने की भी ठान ली है। मोदी सरकार से हर मोर्चे पर टक्कर लेने की कोशिश कर रहीं ममता बनर्जी ने शनिवार को ऐलान किया कि आगामी शीतकालीन सत्र में उनकी पार्टी संसद में बीमा में 49 प्रतिशत तक एफडीआई विधेयक का विरोध करेगी।

24 नवंबर से शुरू हो रहे सत्र के बारे में पार्टी की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हम संप्रदायिक हिंसा के खिलाफ भी आवाज उठाएंगे। सरकार देश को बेच देना चाहती है। ममता ने कहा कि भाजपा के पास राज्यसभा में सदस्य नहीं है और अगर वे ऐसा सोच रहे हैं कि टीएमसी मदद करेगी तो वे भ्रम में हैं।

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