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सुभाष चंद्र बोस की जानकारी नहीं देना चाहती सरकार!
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Fri, 23 Aug 2013 08:47 PM IST
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प्रधानमंत्री कार्यालय ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की विधवा और पुत्रियों से जुड़ी तीन अहम फाइलों को सार्वजनिक करने की एक आरटीआई कार्यकर्ता की मांग को खारिज कर दिया है।
राज्यसभा में शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के सदस्य कुणाल घोष ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि नेताजी की विधवा एवं उनकी पुत्रियों से जुड़ी तीन फाइलों को पीएमओ ने यह कहते हुए सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया है।
पीएमओ का कहना है कि इससे देश की संप्रभुता, विदेशी मित्रों के साथ हमारे संबंध और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पीएमओ ने हाल ही में केंद्रीय सूचना आयोग को जानकारी दी थी कि उसके पास नेताजी से जुड़ी 33 गोपनीय फाइलें हैं।
सूचना का अधिकार कानून के तहत चंद्रचूड़ घोष नामक व्यक्ति ने इनमें से 3 फाइलों के बारे में जानकारी मांगी थी लेकिन पीएमओ ने इंकार कर दिया।
घोष ने कहा कि पीएमओ और गृह मंत्रालय को यह बताना चाहिए कि इन फाइलों के सार्वजनिक होने से देश की संप्रभुता और कानून-व्यवस्था पर कैसे असर पड़ सकता है।
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राज्यसभा में शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के सदस्य कुणाल घोष ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि नेताजी की विधवा एवं उनकी पुत्रियों से जुड़ी तीन फाइलों को पीएमओ ने यह कहते हुए सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया है।
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पीएमओ का कहना है कि इससे देश की संप्रभुता, विदेशी मित्रों के साथ हमारे संबंध और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पीएमओ ने हाल ही में केंद्रीय सूचना आयोग को जानकारी दी थी कि उसके पास नेताजी से जुड़ी 33 गोपनीय फाइलें हैं।
सूचना का अधिकार कानून के तहत चंद्रचूड़ घोष नामक व्यक्ति ने इनमें से 3 फाइलों के बारे में जानकारी मांगी थी लेकिन पीएमओ ने इंकार कर दिया।
घोष ने कहा कि पीएमओ और गृह मंत्रालय को यह बताना चाहिए कि इन फाइलों के सार्वजनिक होने से देश की संप्रभुता और कानून-व्यवस्था पर कैसे असर पड़ सकता है।