महाराष्ट्र में 14 हजार से अधिक गांव सूखाग्रस्त घोषित
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महाराष्ट्र सरकार ने आखिरकार सूखे से जूझ रहे राज्य के 14,708 गांवों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। शुक्रवार को मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक के बाद यह घोषणा की गई। राज्य के अधिकतर भागों में इस साल 50 फीसदी से कम बारिश हुई है। इसके चलते सरकार ने यह निर्णय लिया है।
राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक हुई। इस बैठक में सूखाग्रस्त गांवों को राहत देने के लिए सरकार ने कई योजनाएं घोषित की।
खड़से ने बताया कि सूखा प्रभावित क्षेत्र में किसानों को पंपिंग सेट के बिल में 33.5 फीसदी की रियायत का फैसला किया गया है। इसके साथ ही सूखा प्रभावित क्षेत्र में स्कूल और कॉलेज के छात्रों की परीक्षा शुल्क माफी, राजस्व कर में छूट और जहां आवश्यक हो वहां पीने के पानी के लिए टैंकर से जलापूर्ति करने के निर्णय लिए गए हैं।
किराए पर लिए जाएंगे गोदाम
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कपास, सोयाबीन, मक्का और
धान की खरीद जल्द से जल्द शुरू करें। खड़से ने कहा कि अकाल की परिस्थिति
घोषित कर तहसील नहीं बल्कि गांव के स्तर पर मदद देने का निर्णय लिया गया
है।
उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों की कपास खरीद शुरू करने की मांग के
मद्देनजर जल्द ही कपास खरीदी केंद्र शुरू किए जाएंगे। जिन भागों में
गोदामों की संख्या कम है, वहां गोदाम किराए पर लिए जाएंगे।