{"_id":"a7e988c8-5e7b-11e2-b7d8-d4ae52bc57c2","slug":"government-consent-on-army-counterattack","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना को जवाबी पलटवार की सरकार ने दी सहमति","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
सेना को जवाबी पलटवार की सरकार ने दी सहमति
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Jan 2013 12:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार ने सेना को एलओसी पर संघर्ष विराम उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अंदरूनी और अघोषित सहमति दे दी है। हालांकि सरकार ने अभी भी सेना को अपनी तरफ से पहले कार्रवाई करने की इजाजत नहीं दी है। दरअसल, लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहे पाकिस्तान को करारा जवाब देने के थल सेना और वायुसेना प्रमुखों के सख्त बयान सरकार की सहमति के बाद ही सामने आए हैं। सरकार ने सेना को कहा है कि वह पाक की ओर से सीमा उल्लंघन की किसी भी हरकत पर खुलकर पलटवार करें।
विज्ञापन
पड़ोसी मुल्क की करतूतों से सरकार के खिलाफ बने माहौल को शांत करने के लिए देश का शीर्ष नेतृत्व अब डैमेज कंट्रोल में जुट गया है। उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार, यह रणनीति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक में बनी। दो सैनिकों के सिर काटने की घटना को लेकर जिस तरह से राजनीतिक हलकों से लेकर जनता के बीच केंद्र की आलोचना हो रही है, उसे लेकर सरकार सकते में है।
विज्ञापन
साथ ही रक्षा विशेषज्ञों के जरिए भी इस तरह का संदेश दिया जा रहा है कि आक्रामक पाकिस्तान के सामने भारत नरमी बरत रहा है। पाकिस्तान लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है लेकिन भारत शांति वार्ता को ज्यादा महत्व दे रहा है। अपने खिलाफ आलोचनाओं की बौछार से भी सरकार को आशंका है कि लोगों की बनती सोच राजनीतिक नुकसान पहुंचा सकती है। सिर्फ यही नहीं, सेना का गिरता मनोबल भी एक अहम मुद्दा बन गया है। सैनिकों के सिर काटने से सेना के अंदर व्यापक आक्रोश है। सेना को भी लगने लगा है कि सरकार ने शांति वार्ता को वरीयता देते हुए उसके हाथ बांध रखे हैं।
विज्ञापन
समझा जाता है कि सिर काटने की घटना के बाद थल सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने रक्षा मंत्री एके एंटनी से हुई मुलाकात में सेना के भीतर पनप रहे गुस्से की बात कही थी। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सेना प्रमुखों को पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का संदेश देने की सहमति दी। हालांकि सेना को अभी पाकिस्तान पर अपनी तरफ से पहले कार्रवाई नहीं करने का भी निर्देश दिया गया है। सरकार सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर बिल्कुल गौर नहीं कर रही है। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने धैर्य बनाए रखने की बात कहकर सरकार की इसी रणनीति का संकेत दिया है। इसका मकसद पाकिस्तान को यह संदेश देना है कि शांति वार्ता से पीछे नहीं हटने के भारत के इरादे का यह मतलब नहीं कि इस तरह की भड़काऊ और बर्बर कार्रवाई की अनदेखी कर देगा।