मोदी रूस से लाएंगे ऐसा हथियार जिससे परेशान होंगे चीन-पाक
भारत सरकार ने गुरुवार को रूस के 'एस-400 ट्रायंफ' एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की खरीद को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस दौरे से पूर्व लिया गया है जिसके लिए 39 हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की अगुवाई वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में इसका फैसला लिया गया। यह फैसला आगामी 24 दिसंबर को रूस की राजधानी मॉस्को में नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली अहम मुलाकात से पहले लिया गया है।
डीएसी ने इस खरीद को जरूरी रक्षा प्रणाली के तौर पर मंजूरी दी है जिसे देश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में तैनात किया जाएगा जो पाकिस्तान और चीन के संभावित हमलों से देश की रक्षा करेगा।
क्या है एस-400 ट्रायंफ
यह एक ऐसी एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली है जो दुश्मन बाहरी मिसाइल हमलों से देश की रक्षा करता है। यह इतना अत्याधुनिक है कि देश पर संभावित मिसाइल हमले की तुरंत जानकारी देता है और जरूरत पड़ने पर यह एंटी मिसाइल दागकर दुश्मन के मिसाइल को मार गिराता है।
भारतीय वायु सेना को और ज्यादा मजबूती देने और रक्षा तंत्र की खामियों को पूरा करने के लिए यह खरीद भारत के लिए बेहद जरूरी थी। ऐसा माना जाता है कि भारतीय परमाणु संयंत्रों, परमाणु संस्थानों, अति महत्वपूर्ण भवनों और कई अन्य महत्वपू्र्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
रूस एस-400 ट्रायंफ मिसाइल सिस्टम खरीदने वाला भारत दूसरा देश है। इससे पहले चीन ने इस प्रणाली को खरीदने के लिए अपनी इच्छा जाहिर की। करीब 65 अरब रुपये के इस डील की आपूर्ति 2017 तक पूरे होने की संभावना है। यह एयर डिफेंस सिस्टम इतना अत्याधुनिक है कि इससे नाटो के देश भी चिंतित हैं।