सरकार का बड़ा फैसला, 15 क्षेत्रों में FDI नियमों को आसान बनाया
आर्थिक सुधारों की दिशा में बड़ी घोषणा करते हुए सरकार ने खनन, नागरिक उड्डयन, रक्षा, ब्रॉडकास्टिंग, निर्माण, निजी बैंकिंग समेत 15 क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों को आसान बना दिया है। सरकार चाहती है कि देश में एफडीआई के अधिकतर प्रस्ताव ऑटोमेटिक रूट से आए ताकि निवेशकों को प्रस्ताव की मंजूरी के लिए अपना समय व पैसा खराब नहीं करना पड़े।
पांच हजार करोड़ रुपये तक के विदेशी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मिलेगी। फआईपीबी पहले तीन हजार करोड़ रुपये तक के विदेश निवेश की मंजूरी देने के लिए अधिकृत था। प्रधानमंत्री ने इस घोषणा के तुरंत बाद ट्वीट कर कहा, ‘एफडीआई से संबंधित सुधारों से 15 सेक्टरों के साथ-साथ युवाओं को लाभ होगा। विकास और सुधारों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट और अटल है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि यह निर्णय न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन पर बल का एक और उदाहरण है। आर्थिक प्रगति की राह पर भारत रुकने वाला नहीं है। सरकार चाहती है कि विश्व देखे कि भारत कितनी संभावनाओं की पेशकश करता है।
डीआईपीपी की तरफ से यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ब्रिटेन दौरे पर रवाना होने से एक दिन पहले की गई है जो विदेशी निवेशकों को भारत में आर्थिक निवेश के अनुकूल माहौल का संदेश देना चाहता है। डीआईपीपी के मुताबिक निवेश के माहौल को अनुकूल बनाने और देश में अधिक से अधिक एफडीआई लाने के मकसद से 15 बड़े क्षेत्रों में एफडीआई से संबंधित सुधारों और उदारीकरण को बढ़ावा देने का फैसला किया गया है। इनमें निवेश से जुड़े लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) व निवेश की मंजूरी की शर्तों मे कटौती, भारतीय कंपनी के साथ स्वामित्व के नियंत्रण व उनके हस्तांतरण के नियमों को आसान बनाया जाना शामिल हैं।
इनमें 49 फीसदी एफडीआई की मंजूरी
जिन क्षेत्रों के एफडीआई नियमों को आसान बनाया गया है उनमें सिंगल ब्रांड
खुदरा कारोबार, कैश एंड कैरी (थोक कारोबार), कृषि व पशुपालन, विदेशी
पोर्टफोलियो निवेश, कंस्ट्रक्शन आदि भी शामिल हैं। सरकार का मानना है कि
एफडीआई नियमों को निवेशकों के अनुकूल व आसान बनाने से मेक इन इंडिया में
तेजी के साथ गरीबों के लिए घर का सपना भी साकार हो सकेगा।
ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में डीटीएच, टेलीपोर्ट्स, मोबाइल टीवी और केबल नेटवर्क में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति दी गई है। इसमें से 49 फीसदी ऑटोमेटिक रूट के जरिये आएगा जबकि अतिरिक्त निवेश के लिए एफआईपीबी की मंजूरी लेनी होगी। गैर-समाचार और सामयिक मामलों के टीवी चैनलों की अप-लिंकिंग के क्षेत्र में ऑटोमेटिक रूट के जरिये 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति दी गई है। बागान वाली फसलों जैसे चाय, कॉफी, रबर आदि में भी ऑटोमेटिक रूट के जरिये 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति दे दी है। ड्यूटी-फ्री शॉप्स और लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) में भी ऑटोमेटिक रूट से सौ फीसदी निवेश की मंजूरी मिली है।
रक्षा क्षेत्र में भी 49 फीसदी विदेशी निवेश के लिए ऑटोमेटिक रूट की अनुमति मिली है, हालांकि अतिरिक्त निवेश के लिए एफआईपीबी की मंजूरी अनिवार्य होगी। इससे पहले 49 फीसदी से अधिक के विदेशी निवेश के लिए निवेशकों को कैबिनेट कमेटी की मंजूरी लेनी होती थी। एफएम रेडियो की ब्रॉडकास्टिंग और समाचार तथा सामयिक मामलों के टीवी चैनलों में विदेशी निवेश की सीमा 26 फीसदी से बढ़ा कर 49 फीसदी कर दी गई है।