FTII में निदेशक नियुक्त, गजेंद्र के समर्थन में संघ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गजेंद्र चौहान को भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई), पुणे का अध्यक्ष बनाए जाने के खिलाफ छात्रों के जारी विरोध के बीच सरकार ने संस्थान के नए निदेशक की नियुक्ति कर दी है।
भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी प्रशांत पाथरबे को यह जिम्मेदारी दी गई है। उनको अस्थाई तौर पर नियुक्त किया गया है। दरअसल मौजूदा निदेशक डीजे नारायण का कार्यकाल इसी हफ्ते खत्म होने जा रहा है।
नारायण ने ही हड़ताल खत्म करने के लिए छात्रों को नोटिस जारी किया था। वहीं चौहान के समर्थन में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ उतर गया है।
आंदोलन शुरू होने के बाद से फिल्म और टेलीविजन की दुनिया से जुड़े कई दिग्गज छात्रों के पक्ष में आवाज उठा चुके हैं। कई राजनीतिक दलों ने भी छात्रों की मांग का समर्थन किया है।
गजेंद्र के समर्थन में उतरा संघ
ऐसे में गजेंद्र चौहान को संघ का सहारा मिला है। संघ के प्रतिनिधियों ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को इस मुद्दे पर नहीं झुकने के लिए कहा है।
आरएसएस के प्रतिनिधि इस पूरे मामले को वामपंथी बनाम दक्षिणपंथी विचारधारा की जंग के रूप में देख रहे हैं। संघ के शिक्षक संगठन भारतीय शिक्षण मंडल के महामंत्री मुकुल कानिटकर ने कहा कि एफटीआईआई पर वामपंथी संगठनों से जुड़े लोगों का कब्जा है। गजेंद्र की नियुक्ति के बाद उनको अपना कब्जा छिनने का डर सता रहा है।
इसलिए इस विरोध को हवा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय से अपील की गई है कि इस मुद्दे पर सरकार को झुकने की जरूरत नहीं है।
उधर मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि पाथरबे को नियुक्त कर सरकार ने संस्थान में बन रहे हालात को सुधारने की कोशिश की है। पाथरबे मुंबई में प्रेस सूचना ब्यूरो, दूरदर्शन और आकाशवाणी में काम कर चुके हैं।