फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   good days of modi government has come in parliament

मोदी सरकार के संसद में भी आ गए 'अच्छे दिन'

Sun, 17 Aug 2014 12:05 PM IST
Updated Sun, 17 Aug 2014 12:05 PM IST
विज्ञापन
good days of modi government has come in parliament

केंद्र में सत्ता बदलते ही उसके बदलाव की आहट 16वीं लोकसभा के बजट सत्र में साफ दिखाई पड़ी। जिस 15वीं लोकसभा में हंगामों का दौर थामे नहीं थमा और कामकाज ठप पड़ा रहा इसके ठीक उलट 16वीं लोकसभा का आगाज किसी सुखद अहसास से कम नहीं रहा।

विज्ञापन


बीते पांच सालों में यह पहला ऐसा सत्र रहा जो कामकाज के मामले में बेहतर साबित हुआ। पिछले पांच सालों में यूपीए सरकार ने सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए भाजपा को दोषी ठहराया। इसका उलट नजारा 16वीं लोकसभा में भी देखने को मिल सकता था।
विज्ञापन


लेकिन विपक्ष में रहने के बाद सरकार में आई भाजपा ने अपनी रणनीति से संख्या में काफी कम पड़ गई कांग्रेस को दूसरे विपक्षी दलों के साथ एकजुट नहीं होने दिया। विपक्ष के बटवारे का फायदा न सिर्फ सरकार को मिला बल्कि लोकसभा की कार्यवाही भी सुचारु ढंग से चली।
विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस की राह पड़ी कमजोर

good days of modi government has come in parliament

कांग्रेस यह अच्छी तरह जानती थी कि अपने 44 सांसदों के दम पर वह सरकार को सदन में नहीं घेर सकती है। उसकी रणनीति एआईडीएमके, तृणमूल कांग्रेस जैसे दूसरे बड़े दलों के साथ मिलकर सरकार को घेरने की थी।

लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां भी कांग्रेस को पटखनी देते हुए एआईडीएमके सांसद एम थंबीदुरई को डिप्टी स्पीकर पद दे दिया। दूसरी ओर तृणमूल ने किसी भी मुद्दे पर कांग्रेस का साथ नहीं दिया। यहां कांग्रेस की साझेदार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी उसे सदन में मुद्दों पर आधारित समर्थन दिया। जिससे कांग्रेस सदन में अलग थलग पड़ गई।

मोदी सरकार ने दिखाया अपना रूख

good days of modi government has come in parliament

कई मुद्दों पर चाहते हुए भी वह सरकार को नहीं घेर पाई। राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्त आयोग विधेयक पर कांग्रेस सरकार के खिलाफ थी लेकिन वह अन्य विपक्षी दलों का ही समर्थन नहीं जुटा पाई जिसके चलते उसे भी विधेयक को पास कराने के दौरान झुकना पड़ा। इस सत्र की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कुल 27 दिन कार्यवाही चली और 167 घंटे काम हुआ। जबकि कार्यवाही मात्र 13 घंटे 51 मिनट ही बाधित रही। इसके ठीक उलट 2013 के बजट सत्र में सिर्फ 19 घंटे 36 मिनट काम हुआ और 167 घंटे कामकाज ठप रहा।

संसद में हुआ कामकाज

good days of modi government has come in parliament
बिल पेश किए गए: 20
बिल पारित किए गए: 13
निजी बिल पेश किए गए: 354
उठाए गए लोक महत्व के मुद्दे: 607
नियम 193 के तहत चर्चा: 05
ध्यानाकर्षण के जरिए चर्चा: 05
आधे घंटे की चर्चा: 02
मौखिक प्रश्न पूछे गए: 126
लिखित प्रश्न पूछे गए: 5339
दर्शकों ने देखी कार्यवाही: 1471
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed