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TET: योग्य अभ्यर्थी भी हो गए बाहर

Fri, 21 Feb 2014 01:05 AM IST
Updated Fri, 21 Feb 2014 01:05 AM IST
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Good applicant reject in test cancellation

सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से ऐसे अभ्यर्थियों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का प्रवेश पत्र जारी कर दिया गया, जिनके आवेदन निरस्त कर दिए गए है, जबकि परीक्षा में शामिल होने वाले योग्य अभ्यर्थियों को इससे बाहर कर दिया गया है।

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परीक्षा से बाहर हुए अभ्यर्थियों ने अपने प्रवेश पत्र भी डाउनलोड कर लिए थे। अब परीक्षा से दो दिन पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने इन परीक्षार्थियों का अभ्यर्थन निरस्त करने का फैसला किया है।
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एनआईसी की ओर से 396 ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए, जिनके आवेदन पहले ही निरस्त किए जा चुके थे। वहीं 1611 ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन निरस्त कर दिए गए जो परीक्षा देने के योग्य थे।
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50418 आवेदन हुए ‌न‌िरस्त

Good applicant reject in test cancellation

मामला संज्ञान में आने पर गलती सुधारते हुए योग्य अभ्यर्थियों को नए प्रवेश पत्र जारी किए गए हैं। वहीं अयोग्य अभ्यर्थियों की लिस्ट सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेज दी गई है ताकि वे अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल न हो सकें।

टीईटी में आनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब आवेदनों की स्क्रीनिंग की गई तो 50418 ऐसे आवेदनों को निरस्त कर दिया गया, जिन्होंने गलत शैक्षिक योग्यता भर दी थी।

डीएडी में भी हुए न‌िरस्त

Good applicant reject in test cancellation

इसी तरह डीएड करने वाले उच्च प्राथमिक स्तर के मानक में शामिल न होने के बाद भी आवेदन कर दिए, इस कारण उनका भी अभ्यर्थन निरस्त कर दिया गया।

एनआईसी की तकनीकी गड़बड़ी की वजह से 396 ऐसे आवेदकों को प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए जो निरस्त की सूची में शामिल थे। इसमें प्राथमिक स्तर में 92, प्राथमिक स्तर भाषा में 61, उच्च प्राथमिक स्तर में 47 और उच्च प्राथमिक भाषा में 195 आवेदक शामिल है।

1611 अभ्यर्थी थे योग्य

Good applicant reject in test cancellation

उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए 50 प्रतिशत अंकों का अनिवार्य होना जरूरी है। योग्य होने के बावजूद इन आवेदकों के फार्म रिजेक्शन लिस्ट में चले गए। आवेदकों ने जब शिकायत की तो फिर से आवेदनों की दोबारा स्कैनिंग की गई। इसमें 50418 में से 1611 योग्य पाए गए।

वहीं इस संबंध में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव का कहना है कि जिन अयोग्य अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी हो गए हैं, वे माने नहीं जाएंगे।

इसके साथ ही इन सभी अभ्यर्थियों की लिस्ट पंजीकरण और रोल नंबर के साथ सभी जिलों के डीआईओएस और परीक्षा केंद्रों को भेज दी गई है। जिससे ये आवेदक परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही परीक्षा के बाद भी आवेदनों की एक बार फिर से क्रास चेकिंग कराई जाएगी।

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