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गोंडाः मंत्री की कुर्सी जाते ही शीर्ष अधिकारियों का तबादला

Sat, 13 Oct 2012 10:06 PM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Sat, 13 Oct 2012 10:06 PM IST
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gonda officers transferred after minister resignation
सीएमओ को घर से उठा ले जाने वाले राज्यमंत्री विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह के इस्तीफे के अगले ही दिन सरकार ने गोंडा के आला प्रशासनिक अफसरों जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
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सरकार ने पूरे मामले के साथ अफसरों की भूमिका और उत्तरदायित्व पालन की भी जांच शुरू कर दी है। लखनऊ के मंडलायुक्त संजीव मित्तल को जांच सौंपते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है। हटाए गए अफसरों को नई पोस्टिंग नहीं दी गई है।
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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि गोंडा में रोशन जैकब को जिलाधिकारी, नवनीत राणा को पुलिस अधीक्षक और मुन्नीलाल पाण्डेय मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी का कार्यभार वरिष्ठतम डिप्टी सीएमओ ओमप्रकाश को सौंपा गया है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह से विनोद सिंह की बदसलूकी की वारदात के बाद डीएम अभय, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार सिंह और खुद सीएमओ ने गोंडा छोड़ दिया था।
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सभी अफसरों ने शासन के आला अफसरों से गोंडा से बाहर पोस्टिंग की मांग की थी। उनका कहना था कि ऐसे भय के माहौल में वहां काम करना मुमकिन नहीं है। तब शासन की तरफ से कहा गया था कि अफसरों ने ऐसा कोई आग्रह लिखित में नहीं दिया है।

पूरे मामले के दौरान पुलिस अधीक्षक कृपाशंकर सिंह रहे तो गोंडा में ही, लेकिन किसी तरह की जवाबदेही से बचते रहे थे। शासन से अफसरों को मिले भरोसे के बाद ही डीएम अभय बृहस्पतिवार रात को गोंडा पहुंचे और सीडीओ उसके अगले दिन।

एक-दो दिन में बड़ा खुलासा: स्वास्थ्य मंत्री
विभाग के डॉक्टर और सीएमओ कितने ईमानदार हैं, एनआरएचएम घोटाले ने यह साफ कर दिया है। मामले की जांच चल रही है, एक-दो दिन में मैं बड़ा खुलासा करूंगा। -अहमद हसन, स्वास्थ्य मंत्री   

अफसरों की भूमिका व उत्तरदायित्वों की जांच
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि जांच में देखा जाएगा कि मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ हुए दुर्व्यवहार से लेकर सम्पूर्ण घटनाक्रम के दौरान व उसके बाद संबंधित अफसरों की क्या भूमिका रही? अफसरों का क्या उत्तरदायित्व था, उसका पालन सही ढंग से किया अथवा नही? यह भी देखा जाएगा कि दायित्वों केनिर्वहन में अफसरों से कोई चूक तो नहीं हुई?

 
आयुष डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया फ्रीज
गोंडा में संविदा पर हुई जिन आयुष डॉक्टरों की भर्ती के चलते विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह ने सीएमओ को उठाया था, वह प्रक्रिया फ्रीज कर दी गई है। भर्ती का परिणाम घोषित कर दिया गया था। भर्ती साक्षात्कार के जरिए हुई थी, जो सीएमओ और सीडीओ समेत छह सदस्यीय समिति ने लिया था। अब इस पर आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
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