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सेक्स करने की उम्र 16 करने पर जीओएम राजी

Thu, 14 Mar 2013 12:34 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 14 Mar 2013 12:34 PM IST
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gom recommended reduce age of consent for sex to 16

सहमति से सेक्स की उम्र 18 साल से घटाकर 16 साल करने पर मंत्रिमंडलीय समूह ने अपनी मुहर लगा दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अगुवाई वाले मंत्रिमंडलीय समूह (जीओएम) ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों की ज्यादातर आपत्तियां दरकिनार कर दी हैं।

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अब जीओएम के इस मसौदे को बृहस्पतिवार को मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। विधेयक में ताक झांक और पीछा करने के अपराध को तमाम विरोधों के बावजूद गैरजमानती अपराधों की श्रेणी में रखा गया है।
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वहीं सहमति से यौन संबंध बनाने के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष से घटा कर 16 वर्ष करने की सिफारिश की गई है।

इसके अलावा जीओएम ने ‘यौन हमला’ की जगह ‘बलात्कार’ शब्द के इस्तेमाल पर भी अपनी सहमति दी है, तो झूठा मामला दर्ज कराने वालों के खिलाफ सजा के प्रावधान की मांग को भी ठुकरा दिया है।
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हालांकि सूत्रों ने बताया कि कैबिनेट मंजूरी के बाद भी इस विधेयक की राह आसान नहीं है। सपा और बसपा सहित कई अन्य दलों को मंत्रिमंडल के कई सदस्यों की तरह ही विधेयक के कुछ प्रावधानों पर सख्त एतराज है।

मंत्रिमंडल की बैठक में सर्वाधिक विरोध ताकझांक करने तथा पीछा करने के अपराध को गैरजमानती बनाने के प्रावधान का हुआ।

कई सदस्यों ने झूठा मामला दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के प्रावधान की मांग की थी। विभिन्न दलों के नेताओं को भी विधेयक के कानूनी जामा पहनने पर इसके व्यापक दुरुपयोग की आशंका है।

फिलहाल महिलाओं के खिलाफ कड़े कानून संबंधी विधेयक पर सबकी निगाहें 18 मार्च पर टिकी है। सरकार ने इस विधेयक पर सभी दलों की राय जानने और सहमति बनाने के लिए इसी दिन सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

जीओएम को उम्मीद है कि बृहस्पतिवार को कैबिनेट में विधेयक को मंजूरी मिल जाएगी। पहले भी कैबिनेट की दो बैठकों में मतभेद के चलते यह विधेयक पास नहीं हो पाया था।


हालांकि विधेयक को पारित होने को लेकर संशय बरकरार है। सोमवार के बाद संसद की सिर्फ चार बैठकें बचेंगी, और इतने कम समय में संसद के दोनों सदनों में ये विधेयक पास होना मुश्किल दिख रहा है।

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