वेंकटेश्वर मंदिर के पास है कितना सोना, हुआ खुलासा
देश में सबसे सुरक्षित खजानों में से एक पर पर्दा उठ गया है। थिरुमला के भगवान बालाजी मंदिर ट्रस्ट के खजाने में कम से कम 4.5 टन सोने का खुलासा हुआ है। ये खुलासा भगवान को चढ़ाए गए सोने के बैंक में जमा कराए जाने के बाद हुआ है।
ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार अभी एक टन और एसबीआई के अकाउंट में जल्द जमा कराया जाएगा। अगर सोने के आज के भाव पर गौर किया जाए तो ये सोना करीब 1320 करोड़ रुपयों का बैठता है।
ट्रस्ट के जानकार बताते हैं कि ये तो पूरे खजाने का बहुत छोटा भाग है। गौरतलब है कि यह मंदिर देश के सबसे धनी मंदिरों में गिना जाता है।
वहीं जुलाई 2014 में तिरूवनंतपुरम के पद्मनाभ स्वामी मंदिर के खजाने का एक लाख करोड़ के करीब होने का दावा किया गया था। लेकिन भगवान बालाजी के भक्तों का मानना है कि उनके कुल खजाने की जानकारी स्पष्ट नहीं है, इसलिए उनके पास इससे कहीं ज्यादा खजाना है।
खजाने पर जानकारी देते हुए टीटीडी के अधिकारी डी साम्बासिवा राव ने कहा कि गोल्ड स्कीम के तहत एक टन सोना एसबीआई में जमा किया जाएगा।
साथ ही बताया कि अब तक एसबीआई, आईओबी और कार्पोरेशन बैंक के अकाउंट में 4.5 टन सोना जमा किया जा चुका है।
प्रसाद का लड्डू का 300वें वर्ष में प्रवेश
तिरूपति बालाजी के दरबार में प्रसाद के रूप में वितरण किए जाने वाले लड्डू ने 300वें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार लड्डू का प्रसाद के रूप में वितरण दो अगस्त 1715 से शुरू हुआ था।
उनके अनुसार वर्ष 2014 में ही करीब 90 मिलियन लड्डूओं का वितरण किया गया था। यह देसी और मेवों से युक्त लड्डू 25 रुपए में भक्तों को दिया जाता है। हालांकि इसकी कीमत कहीं ज्यादा है। यह लड्डू दुनियाभर में बहुत ख्याति प्राप्त कर चुका है।