"धूप में न निकला करो, तुम काली हो जाओगी"
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इस साल महिलाओं के रूप रंग को लेकर शुरू हुआ टिप्पणियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। संसद में साउथ इंडियन महिलाओं के शरीर की बनावट पर जद-यू नेता शरद यादव बेबाक टिप्पणी के बाद अब गोवा के मुख्यमंत्री ने नर्सों को धूप में आंदोलन न करने की सलाह दी है।
गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने आंदोलन कर रही नर्सों को सलाह दी कि उन्हें धूप में भूख हड़ताल नहीं करनी चाहिए क्योंकि धूप के कारण उनका रंग काला हो सकता है और यह उनकी शादी को प्रभावित कर सकता है।
अनुषा सांवत नाम की एक नर्स ने बताया कि उसने पोंडा में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। अनुषा ने बताया कि मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि लड़कियों को धूप में भूंख हड़ताल पर नहीं बैठना चाहिए क्योंकि इससे वो काली हो सकती है और ऐसा होने से उन्हें अच्छा दूल्हा नहीं मिल पाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय को टिप्पणी की जानकारी नहीं
अनुषा ने बताया कि पारसेकर की यह टिप्पणी अनुचित थी। हालांकि पारसेकर ने इस संदर्भ में कोई टिप्पणी नहीं की। वहीं सीएमओ का इस पर कहना है कि हमें नहीं मालूम कि मुख्यमंत्री ने इस तरह का कोई बयान दिया है या नहीं। हालांकि हम ऐसा नहीं मानते कि उन्होंने ऐसा कुछ कहा होगा।
गोवा में नर्स और एक निजी फर्म द्वारा चलाई जा रही 108 एंबुलेंस सर्विस से जुड़े कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। इनका आरोप है कि फर्म में सिर्फ 13 एंबुलेंस ही उपलब्ध हैं जबकि 33 के लिए भुगतान किया जा रहा है।
इन्होंने बताया कि हमारे प्रतिनिधि पारसेकर से दो बार मुलाकात कर चुके हैं। अब हमने तय किया है कि हम हर सार्वजनिक समारोह में जिसमें मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे हम उनके सामने आएंगे।