फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   go home anti women leaders says ramesh

अपने घर जाएं महिला विरोधी नेता: रमेश

Thu, 10 Jan 2013 08:26 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 10 Jan 2013 08:26 PM IST
विज्ञापन
go home anti women leaders says ramesh

गैंगरेप मामले पर कुछ नेताओं के बेतुके बयानों पर सख्त टिप्पणी करते हुए केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने दो टूक शब्द में कहा है कि इस तरह के लोगों को अपने घर लौट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैंगरेप की घटना से मुझे गहरा आघात पहुंचा था, जिससे पूरी दुनिया में भारत की छवि को नुकसान पहुंचा है।

विज्ञापन


जयराम रमेश ने कहा, ‘हम में से कोई भी उस समय अच्छा महसूस नहीं कर रहा था। एक पुरुष और भारतीय होने के नाते मुझे बेहद बुरा लग रहा है। उस समय मुझे मनुष्य होने पर भी शर्म आ रही थी।’
विज्ञापन


जब उनसे पूछा गया कि बेतुके बयान देने वालों को सजा मिलनी चाहिए या नहीं, रमेश ने जवाब दिया, ‘निजी तौर पर मुझे लगता है कि इस तरह के लोगों को बोलने का कोई हक नहीं है और उन्हें घर लौट जाना चाहिए। आपने जानबूझकर इस तरह की टिप्पणी की है। ऐसा नहीं है कि आपके बयान को गलत ढंग से पेश किया गया है। मुझे तो सच में यह काफी भयावह लगा।’ गैंगरेप के बाद जनता के गुस्से को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा कि इस मौके को हमें राजनीतिक सुधार के रूप में करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा, ‘यह गुस्सा नेताओं और राजनीतिक प्रक्रिया के खिलाफ है, जो मुझे बिल्कुल सही लगता है। मैं पहला व्यक्ति हूं, जो चाहता है कि नेता खुद के भीतर झांके। क्यों हम चुनाव सुधारों को लागू करने में इतना समय लगाते हैं? क्यों अपराधियों को टिकट देते हैं? क्यों हम रेप मामलों के आरोपी को टिकट देते हैं?’ उन्होंने कहा कि जनता राजनीतिक दलों से बिल्कुल सही सवाल पूछ रही है। क्यों राजनीतिक पार्टियां फंडिंग के अपने तरीके को नहीं बदलतीं?


हमारे देश में काले धन का सबसे बड़ा स्रोत राजनीति में निवेश ही है। मगर अभी तक इस क्षेत्र में कोई बड़ा सुधार नहीं हो सका है। उन्होंने सलाह दी कि सांसद निधि योजना को खत्म कर देना चाहिए और सही राजनीति गतिविधियों पर निवेश के लिए पैसों का प्रयोग होना चाहिए। सभी नेताओं को एक ही नजरिये से नहीं देखना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed