छेड़छाड़ से बेटियां परेशान, स्कूल जाने पर पाबंदी
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उत्तर प्रदेश में फतेहपुर गांव के पास दो छात्राओं से छेड़छाड़ और एक के अपहरण के प्रयास की वारदात से गांव के लोग बुरी तरह सहमे हुए हैं।
लोगों में इतना खौफ है कि एसपी लक्ष्मी सिंह के लाख समझाने पर भी बेटियों को स्कूल-कॉलेज भेजने के लिए राजी नहीं हुए। उन्होंने साफ कह दिया कि जब तक शोहदों पर लगाम नहीं कसी जाएगी, बेटियां घर पर ही रहेंगी।
हालांकि एसपी ने उन्हें मनचलों पर सख्त कार्रवाई करने का पूरा भरोसा दिलाया।
मंगलवार दोपहर हुई छेड़छाड़ की वारदात में नौ मनचले शामिल बताए गए थे। हालांकि एफआईआर में सिर्फ तीन नामजद कराए गए। तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को तीनों को जेल भेज दिया गया।
उधर, घटना के बाद से गांव में तनाव हो गया था। इस पर एसपी लक्ष्मी सिंह फतेहपुर पहुंची। उन्होंने गांव के लोगों के साथ मीटिंग की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे बेफिक्र रहें, मनचलों पर कार्रवाई होगी लेकिन गांव के लोग सहमे हुए हैं।
पुलिस ने किया नजरअंदाज
लोगों ने एसपी से कहा कि यह पहली घटना नहीं है, यहां आए दिन छेड़छाड़ होती है। पुलिस को भी पहले कई बार बताया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इस माहौल में बेटियों को पढ़ने के लिए भेजना संभव नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोस के गांव में कुछ बाहर के लोग आए हैं। उनसे खतरा है। इस दिशा में भी पुलिस को कदम उठाने चाहिए।
पहले मनचलों पर एक्शन लो
- छेड़छाड़ की घटनाएं पहले भी हुई हैं। इसके चलते लड़कियां तांगे में जाने लगीं, फिर भी छेड़छाड़ हुई - सुगन्ध पाल
- इतनी बड़ी घटना तो पहली बार हुई है कि नौ मनचले पहुंच गए, लेकिन छेड़छाड़ की वारदात पहले भी होती रहीं हैं- राजेन्द्र
- फतेहपुर के आस पास स्कूल नहीं हैं, इसलिए बेटियों को अमीनगर सराय भेजना मजबूरी है, रास्ते में सुरक्षा चाहिए- सतपाल
- स्कूल-कॉलेज खुलने के समय छेड़छाड़ रोकने के लिए पुलिस बल की तैनाती होनी चाहिए - रणपाल