गरीब रथ में तस्करी कर ले जाई जा रही थी लड़की
रेलवे पुलिस के मुताबिक बचाई गई युवती ने उनको बताया कि उसे कंबल रखने वाले केबिन में बंद कर नई दिल्ली ले जाया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि रांची से नई दिल्ली जा रही 12877 गरीब रथ के कोच नंबर जी-6 में कंबल रखने की केबिन में किसी यात्री ने इस लड़की को देखा था जिसके बाद उसने फोनकर इसकी सूचना जीआरपी कंट्रोल रूम को दे दी।
यात्री की सूचना के आधार पर ट्रेन को इटावा स्टेशन पर रोका गया। जीआरपी और आरपीएफ ने कोच की तलाशी ली तो कंबल रखने की केबिन में 12 वर्षीय लड़की मिली।
मां ने ही बेच दिया था बेटी को
पूछताछ में लड़की ने बताया कि वह डाल्टनगंज बिहार की रहने वाली है। उसके पिता की मौत हो चुकी है और वह सौतेले पिता के साथ रहती है। उसकी मां उसे लेकर डाल्टनगंज स्टेशन पहुंची। वहां एक सरदारजी और कोच अटेंडेंट मिले। इन लोगों ने उसकी मां को पैसे दिए। फिर कोच अटेंडेंट ने उसे कंबल वाली आलमारी में बैठा दिया।
इन लोगों ने आपस में बातचीत की कि दिल्ली स्टेशन पर कोई मिलेगा, उसे सौंप देंगे। बालिका के इस बयान के बाद रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के विकास नगर निवासी कोच अटेंडेंट अमित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। सूचना पर पहुंचे सीओ शिवराज सिंह ने भी बालिका और कोच अटेंडेंट से पूछताछ की।
सीओ के मुताबिक मामला नाबालिग की खरीदा फरोख्त का है। आरोपी के खिलाफ बालिका को तस्करी कर ले जाने का मुकदमा दर्ज कर किया जा रह है। उधर अमित मिश्रा ने पूछताछ में बताया कि वह कंस्ट्रक सन कंपनी में कार्यरत है और गरीब रथ में कोच अटेंडेंट है।