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पढ़ाई के लिए बेटी ने छोड़ दिया मां-बाप, घरबार

Wed, 07 Nov 2012 11:57 AM IST
अलीगढ़/ब्यूरो
अलीगढ़/ब्यूरो Updated Wed, 07 Nov 2012 11:57 AM IST
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girl leaves home and parents for her education

चांदनी को उसके मां-बाप ने घरों में काम करने भेज दिया। मगर छोटी सी उम्र में उसका तेज दिमाग देख उसकी मालकिन ने उसे एक स्कूल में दाखिला दिला दिया। वह घरों में काम करने के साथ स्कूल भी जाने लगी। एक दिन मालकिन यहां से हरिद्वार चली गईं तो उसका स्कूल छूट गया।

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मगर चांदनी का हौसला न टूटा। अपनी कमाई से उसने फिर स्कूल में दाखिला ले लिया। यह मम्मी-पापा को नागवार गुजरा और पढ़ाई बंद कराने के लिए मारपीट शुरू कर दी। मजबूरन चांदनी घर छोड़कर पहुंच गई अपनी दूसरी मालकिन के पास। फिलहाल मालकिन ने उसका दर्द सुन उसे पुलिस को सौंप दिया है। अब पुलिस ही उसके भविष्य पर फैसला करेगी।
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अलीगढ़ जिले में किशनपुर इलाके की चांदनी (16 वर्ष) बेबाकी से कहती है कि पापा बुग्गी चलाते हैं और मां घरों में काम करने के अलावा भैंस भी पालती हैं। छह बहन व तीन भाइयों में चौथे नंबर की चांदनी बताती है कि बचपन में उसका स्कूल छूट गया तो उसे अफसोस हुआ।
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बाद में खुद वह काम करने लगी और जब उसने कमाई जोड़ ली तो इसी साल छठवीं क्लास में शहर के ही कन्या इंटर कालेज में दाखिला ले लिया। स्कूल भी जाने लगी। मगर मां व पापा का दबाव था कि वह पढ़ाई छोड़ अन्य भाई-बहनों की तरह काम करे। इस बात पर उसकी पिटाई भी होती।

चांदनी कहती है कि उसे ऐसे पीटा जाता, जैसे वह उसके मां-बाप नहीं। तीन दिन पहले भी उसका गला दबाया गया। रविवार दोपहर वह अपनी छोटी बहन को बताकर घर से चली गई। पहले ट्रेन से दनकौर तक पहुंची। मगर कुछ सोचकर लौट आई और रात भर स्टेशन पर बैठे रहने के बाद सोमवार सुबह उस मालकिन के पास पहुंच गई, जिनके घर कई साल काम किया था।


आंटी को रो-रोकर पूरा दुखड़ा सुनाया और जिद करने लगी कि घर नहीं जाएगी। फिलहाल चांदनी को आंटी ने क्वारसी पुलिस को सौंप दिया है। एसओ क्वारसी कहते हैं कि अभी चांदनी व उसके परिवार को समझाने का प्रयास किया जाएगा। अन्यथा अदालत की मदद ली जाएगी।

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