थाने पहुंच बोली युवती- 'इकराना नहीं अब अनु हूं मैं'
इकराना नहीं अब अनु हूं मैं और अमरदीप मेरा पति है। ग्राम झुंडपुर से 15 दिन पूर्व जाट युवक अमरदीप के साथ फरार हुई ग्राम झुंडपुर की इकराना कोर्ट मैरिज कर सोमवार को अचानक थाने पहुंच गई।
उसने पुलिस के सामने कोर्ट मैरिज का सर्टिफिकेट रख दिया और सुरक्षा की मांग की। पुलिस ने इकराना को सुरक्षा में ले लिया और उसका मेडिकल परीक्षण तथा मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराने के लिए बागपत ले गई। हालांकि उसके बयान नहीं हो सके हैं।
ग्राम झुंडपुर में जाट समाज के लड़के के साथ दूसरे संप्रदाय की युवती के फरार हो जाने पर कल पांच गांवों की पंचायत बैठी थी। पंचायत में गांव की बेटी को गांव की बहू न बनने देने का फरमान सुना दिया गया था। इस बीच, युवती के परिजनों ने दोघट थाने में गुमशुदगी भी दर्ज करा दी।
पुलिस ने इकराना को सुरक्षा में लिया
अमर उजाला में पंचायत के निर्णय का समाचार छपने के बाद सोमवार को अचानक युवती इकराना दोघट थाने पहुंच गई। उसने अपना नया नाम अनु बताते हुए अमरदीप के साथ कोर्ट मैरिज करने की बात कहते हुए सर्टिफिकेट पुलिस को दे दिया। उसने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में उसने पांच जून को अमरदीप के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। और अब वह उसी के साथ रहना चाहती है।
पुलिस ने कोर्ट मैरिज का सर्टिफिकेट कब्जे में लेकर इकराना को पुलिस सुरक्षा में ले लिया। पुलिस इकराना को मेडिकल परीक्षण और मजिस्ट्रेटी बयान के लिए ले गई, लेकिन सोमवार को न तो मेडिकल ही हो पाया और न ही मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान। इस बीच मंगलवार को पंचायत के चलते पुलिस सतर्क है।
पुलिस दिन भर युवती को अपने साथ लेकर घूमती रही, लेकिन उसका मेडिकल परीक्षण नहीं हो पाया। बताया जा रहा है कि पहले पुलिस युवती को लेकर बड़ौत सीएचसी पर पहुंची, लेकिन वहां पर परीक्षण नहीं हो पाया। उसे फिर से बागपत जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन यहां एक्सरे टेक्नीशियन छुट्टी चला गया था, जिस कारण पुलिस उसे वापस ले गई।
'कोर्ट मैरिज को खारिज कराकर ही रहेंगे'
इकराना के पिता शब्बीर इस कोर्ट मैरिज के पूरी तरह से खिलाफ हैं। उन्होंने बताया कि वह हरगिज इस निकाह को नहीं मान सकते। उन्होंने हाईकोर्ट में ही इस कोर्ट मैरिज को खारिज कराने के लिए अपील दायर कर दी है। इस निकाह को खारिज कराकर ही रहेंगे।
ग्राम प्रधान चरण सिंह के पुत्र सोमपाल का कहना है कि पंचायत हो या न हो, लेकिन कोर्ट मैरिज खारिज नहीं हुई तो युवक और युवती को गांव में नहीं रहने दिया जाएगा। अब गांव से इन लोगों का कोई मतलब नहीं है। इनका असर गांव के अन्य युवाओं पर भी पड़ सकता है। इसके लिए दोनों के परिजनों से बातचीत की जाएगी।
'युवती का मेडिकल परीक्षण नहीं हो पाया है। फिलहाल युवती पुलिस की सुरक्षा में ही रहेगी। मंगलवार को उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।'
-विद्यासागर मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक