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गिरिराज के बयान पर नाईजीरिया भी नाराज

Thu, 02 Apr 2015 12:57 PM IST
Updated Thu, 02 Apr 2015 12:57 PM IST
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Giriraj statement controversy creates political storm.

मोदी सरकार के बड़बोले मंत्री गिरिराज सिंह की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ बिहार के हाजीपुर में की गई बेहूदा और नस्लीय टिप्पणी से सियासी बवंडर आ गया है। सिंह की टिप्पणी की कांग्रेस सहित तमाम दलों और महिला संगठनों ने तीखी निंदा की है।

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गिरिराज सिंह के सोनिया गांधी को लेकर की गई टिप्पणी पर रॉबर्ट वाड्रा ने निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा ने कहा कि यह टिप्पणी उस महिला के लिए है जिसकी पूरे देश में प्रतिष्ठा है। जिसने देश से प्यार किया और अपना जीवन उस पर न्योछावर किया।
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वाड्रा ने आगे कहा कि अगर ऐसी महिला के खिलाफ सरकार और उसके मंत्री ऐसी नस्लीय और अभद्र टिप्पणी कर सकते हैं तो अन्य महिलाओं के बारे में उनका रवैया कैसा होगा। मंत्री की कांग्रेस अध्यक्ष और अपनी सास पर की गई टिप्पणी से हैरत में हूं।
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नाइजीरिया ने भी चेतावनी देते हुए कहा है कि इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले के तूल पकड़ने के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की कड़ी फटकार के बाद गिरिराज ने बयान पर खेद जताया है।

खासतौर पर नाइजीरिया की नाराजगी के बाद शाह ने गिरिराज से फोन पर बातचीत कर फटकार लगाई और सोच समझ कर बोलने की नसीहत भी दी। मगर पार्टी ने गिरिराज के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई के संकेत नहीं दिए।

सोनिया गांधी पर गिरिराज की टिप्पणी

Giriraj statement controversy creates political storm.

गिरिराज ने हाजीपुर में मंगलवार को यह कह कर विवाद खड़ा कर दिया कि अगर राजीव गांधी ने किसी नाइजीरियाई लड़की से शादी की होती, उनकी चमड़ी गोरी न होती तो क्या कांग्रेस पार्टी उनका नेतृत्व स्वीकार करती?

इस दौरान गिरिराज ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भी विवादास्पद टिप्पणी की। राहुल की गैर मौजूदगी पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि वह लापता मलेशियाई विमान की तरह गायब हो गए हैं। किसी को यह नहीं मालूम कि राहुल कहां हैं।

सरकार को असहज स्थिति से बचाने के लिए गिरिराज ने बाद में खेद जताकर मामले को टालने की कोशिश की। लेकिन टिप्पणी से नाराज कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि मोदी के मंत्रियों और सांसदों के बीच बेशर्मी की हदें तोड़ने की होड़ मची है। पीएम को खुश करने के लिए मंत्री और सांसद अपना संतुलन खो रहे हैं।

माकपा की वृंदा करात ने इसे घिनौनी टिप्पणी करार दिया और कहा कि पीएम को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या यही उनके मन की बात है।

नाइजीरिया ने जताई कड़ी आपत्ति

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नाइजीरियाई उच्चायोग ने गिरिराज सिंह की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए उनसे माफी मांगने को कहा है।

कार्यकारी उच्चायुक्त ओबी ओकोनगोर ने कहा कि इस बारे में विदेश मंत्रालय में शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है, क्योंकि सिंह की टिप्पणी बेहद खराब है।

उन्होंने कहा कि हम आशा करते हैं कि मंत्री अपनी टिप्पणी वापस लें और नाइजीरिया के लोगों से माफी मांगे।

गिरिराज के चेहरे कालिख पोत देना चाहिए: लालू
विवादित टिप्पणी से नाराज राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि गिरिराज ने निर्लज्जता की हदें पार दी है। चूड़ियां पहनाकर, बिंदी और सिंदूर लगाकर उसके चेहरे पर कालिख पोत देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता ने नस्लीय बयान दिया है। ऐसे लोगों को दंडित करने के लिए कड़ा कानून बनना चाहिए। ऐसी टिप्पणियों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

बयान पूरी सरकार की सोच प्रदर्शित करता है: नीतीश
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गिरिराज सिंह के बयान पर कहा कि ये टिप्पणी दरअसल पूरी सरकार की सोच प्रदर्शित करती है। इससे पहले विवादास्पद बयान दे चुके गिरिराज को पीएम ने मंत्रिमंडल में शामिल कर यही साबित किया था।

गोवा के सीएम का ये कैसा बयान?

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गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने भी महिलाओं के रंग को लेकर विवादित टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को नर्सों को सलाह दी कि उन्हें धूप में भूख हड़ताल पर नहीं बैठना चाहिए, इससे उनका रंग काला हो जाएगा और इससे उनकी शादी की संभावना पर असर पड़ेगा।

धरने पर बैठी नर्सों में से एक अनुषा सावंत ने बताया कि जब वे लोग अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मंगलवार को मिलीं तो उन्होंने कहा कि लड़कियों को धूप में भूख हड़ताल नहीं करनी चाहिए, इससे उनका रंग काला हो जाएगा और उन्हें शादी के लिए अच्छा वर नहीं मिलेगा।

सावंत ने कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी अनुचित थी। वे लोग मुख्यमंत्री से अपेक्षा कर रहे थे कि वह उनकी मांगों को लेकर गंभीर रुख दिखाएंगे। हालांकि, बुधवार को मुख्यमंत्री ने ऐसी किसी भी टिप्पणी से इनकार किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें नर्सों के विरोध प्रदर्शन के बारे में पता था और उन्होंने केवल इतना कहा था कि धूप में बैठने के कारण वे अलग दिख रही थीं।

उन्होंने कहा कि चेहरा काला पड़ने के कारण शादी पर असर के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया। यह केवल हल्के-फुल्के अंदाज में की गई टिप्पणी थी।

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