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भड़काऊ भाषण मामले में गिरिराज को जमानत

Fri, 25 Apr 2014 09:50 PM IST
Updated Fri, 25 Apr 2014 09:50 PM IST
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giriraj singh granted anticipatory bail

चुनाव अभियान के दौरान आपत्तिजनक बयानबाजी करने वाले भाजपा नेता गिरिराज सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई है।

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पटना की एक अदालत ने कथित तौर पर नफरत फैलाने के आरोप में जारी उनकी गिरफ्तारी के आदेश पर रोक लगा दी और उन्हें अग्रिम जमानत दे दी।

सिंह के खिलाफ जन प्रतिनिधित्व कानून, 1950 और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत मामले दर्ज कराए गए हैं। उनके खिलाफ झारखंड और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम का वारंट था।

'जो मोदी का विरोध करते हैं, वे पाकिस्तान चले जाएं'

giriraj singh granted anticipatory bail

नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने 19 अप्रैल को झारखंड के देवघर में कहा था कि जो लोग नरेंद्र मोदी का विरोध करते हैं उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।

अग्रिम जमानत की मांग करते हुए उनके वकील जर्नादन राय ने कहा कि उनके मुवक्किल ने कारण बताओ नोटिस के खिलाफ अपना जवाब दाखिल कर दिया है। उनका बयान किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं था।

गिरिराज के खिलाफ देवघर, बोकारो और पटना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

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प्रभुनाथ सिंह की गिरफ्तारी टली

giriraj singh granted anticipatory bail

राजद के सांसद प्रभुनाथ सिंह की गिरफ्तारी 19 मई तक टाल दी गई है। सारण जिले की एक अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है। चुनाव अपराध से जुड़े मामलों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

जिला और सेशन जज नवनीत कुमार पांडे ने अपने आदेश में सिंह की गिरफ्तारी पर 19 मई तक के लिए रोक लगा दी। सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी।

सिंह के खिलाफ एक निचली अदालत ने बलवा करने के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिला और सेशन जज नवनीत पांडे  ने उनकी अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाई के लिए 20 मई की तारीख निर्धारित की है। सिंह को यह राहत चुनाव आयोग के उस कदम के बाद मिली है, जिसमें उसने अग्रिम जमानत की सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी रोक दी है।

सिंह और उनके समर्थकों के खिलाफ 15 अप्रैल को बैरिकेड तोड़ने और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। सारण सीट से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर से पर्चा दाखिल करने के बाद सिंह ने अपने भाषण में चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था। सिंह ने कहा था कि आयोग गरीबों से वोट कराने में नाकाम रहा है। उन्होंने अपने समर्थकों को जाति के आधार पर वोट डालने के लिए प्रेरित किया था।

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