वाजपेयी सरकार गिराने वाले गमांग BJP में शामिल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्ष 1998 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिराने के लिए जिम्मेदार माने गए ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री गिरिधर गमांग जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे।
पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने वाले गमांग ने शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात में गमांग को भाजपा में शामिल करने पर सहमति बनी।
वरिष्ठ आदिवासी नेता गमांग वर्ष 1998 में ओडिशा के मुख्यमंत्री थे लेकिन उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया था। उसी दौरान वाजपेयी सरकार के खिलाफ अविश्वास मत पर चर्चा के दौरान लोकसभा स्पीकर ने भारी विवाद के बाद गमांग को वोट करने की अनुमति दे दी थी। गमांग के वोट के चलते वाजपेयी सरकार गिर गई थी।
45 साल तक कांग्रेस में रहे गमांग
गमांग करीब 45 साल तक कांग्रेस में रहे। कांग्रेस के वरिष्ठतम नेताओं में गिने जाने वाले गमांग एक समय सोनिया गांधी के काफी नजदीकी माने जाते थे। कांग्रेस कार्यसमिति से लेकर तमाम नीतिगत मामलों में एक समय दस जनपथ उनकी राय को काफी तवज्जो देता था। सोनिया के कहने पर ही गमांग मुख्यमंत्री रहते हुए लोकसभा में वाजपेयी सरकार के खिलाफ वोट देने के लिए लोकसभा में आए थे।
बीते दिनों उन्होंने पार्टी पर खुद को अलग-थलग करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने के बाद भाजपा में जाने का संकेत दिया था। वाजपेयी सरकार गिराने संबंधी आरोपों के जवाब में गमांग का कहना था कि वाजपेयी सरकार अंतिम समय में बसपा के रुख बदलने और तत्कालीन नेशनल कांफ्रेंस के सांसद सैफुद्दीन सोज की क्रॉस वोटिंग के कारण गिरी।
शाह-गमांग की मुलाकात के बाद भाजपा के एक शीर्ष नेता ने कहा कि गमांग जल्द ही ओडिशा में एक भव्य कार्यक्रम में पार्टी की सदस्यता लेंगे।