बहराइच में भी धर्मांतरण, 70 हिंदू बने ईसाई
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बहराइच के कमलपुरी गांव में 70 लोगों के धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। इनमें ज्यादातर अनुसूचित जाति और पिछड़ी जाति के हैं। इंडिया होप सेंटर के कार्यकर्ताओं पर इन सभी को ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगा है।
इसकी भनक लगने पर मोतीपुर थाने की पुलिस व खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने बुधवार शाम गांव पहुंचकर पड़ताल की। एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। संबंधित संस्था के कर्ताधर्ता की भी तलाश हो रही है।
मोतीपुर थाना अंतर्गत मटेही कला गांव के मजरा कमलपुरी में आठ माह से इंडिया होप सेंटर के कार्यकर्ताओं का आना जाना था। बाढ़ के दौरान इन कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को राहत दी थी। उसी दौरान धर्म परिवर्तन करने पर उनकी जिंदगी बदल देने का भी आश्वासन दिया था। इसी उम्मीद में गांव के 70 लोगों ने सप्ताह भर पूर्व ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया। एसपी के आदेश पर मोतीपुर थानाध्यक्ष मोहम्मद यासीन और स्थानीय खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की।
थानाध्यक्ष यासीन ने बताया कि ये सभी हर रविवार को अमरजीत के घर पर इकट्ठा होकर प्रार्थना करते हैं। सूत्रों के अनुसार यहां के पड़रिया गांव में भी 13 साल पहले कुछ परिवारों ने धर्म परिवर्तन किया था। उन्हीं में महेंद्र कुमार को पादरी बनाया गया था। उन्हीं की अगुवाई में अमरजीत के घर पर प्रार्थना की जाती है।
एसपी आरएल वर्मा ने बताया कि धर्म परिवर्तन की सूचना पर टीम को गांव में भेजा गया था। हालांकि ग्रामीणों ने धर्म परिवर्तन से इनकार किया है। कुछ ग्रामीणों ने लिखित में भी दिया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। गांव के लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। जिस संस्था का नाम सामने आ रहा है, उसके सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है।
तीन जगहों पर कार्यक्रम की योजना
विश्व हिंदू परिषद ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर घर वापसी का कार्यक्रम करने की तैयारी में है। वाराणसी और इलाहाबाद मंडल में बृहस्पतिवार को तीन जगहों पर ‘घर वापसी’ कार्यक्रम करने की योजना है। इसे कामयाब बनाने के लिए विहिप के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंघल समेत कई शीर्ष नेताओं ने यहां डेरा डाल दिया है। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सुमेरु पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती बुधवार दोपहर बाद मुंबई से काशी पहुंच गए। कार्यक्रम के तहत कभी दबाव में ईसाई या मुसलिम बने लोगों की वैदिक रीति से ‘घर वापसी’ कराई जाएगी। उधर, घर वापसी की सुगबुगाहट मिलने के साथ ही खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
पूर्वांचल में ‘घर वापसी’ की विहिप की तैयारी को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। बुधवार को गाजीपुर में होने वाली धर्मसभा में आशीर्वाद देने के लिए स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती को जाना था। मुंबई से वे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे तभी उनको वहां जाने से रोक दिया गया। प्रशासन के दबाव में धर्मसभा भी स्थगित करनी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक बनारस और इलाहाबाद मंडल के जिलों में 18 दिसंबर को बड़े पैमाने पर ‘घर वापसी’ की तैयारी की गई है।
सुबह नौ बजे के बाद इसे मूर्त रूप दिया जाएगा। घर वापसी कहां कराई जाएगी, अभी इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है लेकिन इसके लिए विहिप नेता सिंघल के अलावा विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री विनायक राव देशपांडे, प्रदेश संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव काशी पहुंच गए हैं। अशोक सिंघल ने बनारस में भी घर वापसी कार्यक्रम की बात स्वीकार की लेकिन समय और स्थान बताने से इनकार कर दिया। वाराणसी मंडल में होने वाले वाले ‘घर वापसी’ कार्यक्रम में स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती आशीर्वाद देने के लिए पहुंचेंगे।
आयोजन की तैयारी में पूरी गोपनीयता बरती जा रही है और इस बारे में कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है लेकिन एक साधु ने पांच हजार लोगों की घर वापसी का दावा किया है। वाराणसी आई जोन अमरेंद्र कुमार सेंगर ने बताया कि इस तरह की गतिविधियों पर पुलिस की सतर्क निगाहें हैं। ऐसे किसी समारोह की इजाजत नहीं दी जाएगी। जोन के सभी एसएसपी को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिया गया है। खुफिया एजेंसियों को खास निगाह रखने को कहा गया है।
यूपी सरकार नहीं रोक पाएगी ‘घर वापसी’: सिंघल
विहिप के शीर्ष नेता अशोक सिंघल ने बुधवार शाम कहा कि प्रदेश सरकार दूसरे धर्मों में चले गए लोगों की ‘घर वापसी’ रोक नहीं पाएगी। उन्होंने कहा कि वाराणसी में भी घर वापसी होगी लेकिन कब और कहां होगी यह अभी कहना मुश्किल है। तनाव पैदा करके सरकार चलाने वालों के दिन अब लद गए हैं। अब प्रेम एवं शांति की स्थापना करने वाले ही शासन चला पाएंगे। धर्मांतरण रोकने के लिए कड़े कानून की वकालत करते हुए उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के प्रति वचनबद्धता दोहराई। यहां पत्रकारों से बातचीत में सिंघल ने कहा कि देवल ऋषि ने पहली बार घर वापसी की व्यवस्था दी थी। उसे मान्यता दी जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि दिल्ली के आसपास 60 गांवों में सिसौदिया वंश के लोगों का भी धर्मांतरण कराया गया था, वो लोग भी घर वापसी करना चाहते हैं। ऐसे में सरकारों को रोकटोक नहीं करनी चाहिए।
जबरदस्ती, धोखे से या लालच से न हो धर्मांतरण: हाईकोर्ट
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में कहा है कि धर्म परिवर्तन एक मुश्किल मसला है। धर्म परिवर्तन के विवादों पर फैसला करते समय अदालतों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह बलपूर्वक, धोखाधड़ी से अथवा कुछ प्रलोभन देकर न किया जाए। कोर्ट ने कहा कि धर्मांतरण करने की बात कहने वालों से ठोस व भरोसे लायक सुबूत लेने के बाद ही कोई फैसला किया जाए।
न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह और न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की खंडपीठ ने अहम नजीर वाला यह फैसला एक युवती की अपील को मंजूर करते हुए सुनाया। जैन समुदाय की इस युवती से दूसरे धर्म के एक युवक के साथ कथित निकाह करने की बात कहकर युवक ने बहराइच के फैमिली कोर्ट में दांपत्य संबंधों के निर्वहन का वाद दायर किया। 12 नवंबर 2014 को फैमिली कोर्ट ने युवती को किसी अन्य व्यक्ति से विवाह करने की मनाही कर इसका स्थगनादेश जारी कर दिया। तब युवती ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दिया। कोर्ट ने अपील मंजूर कर पारिवारिक न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही फैमिली कोर्ट को निर्देश दिया कि अपीलकर्ताओं की आपत्तियां सुनने के बाद ही समुचित आदेश पारित करें।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में पहली नजर में ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है, जिससे पता चलता हो कि कैसे और किस तरीके से धर्म परिवर्तन किया गया। निकाहनामे में युवती का मूल नाम क्यों दिखाया गया है? कोर्ट ने धर्मांतरण को एक ‘ट्रिकी इश्यू’ करार देकर व्यवस्था दी कि अगर धर्मांतरण के तौर-तरीके को लेकर थोड़ी भी शंका हो तो स्थगनादेश दिए जाने से इनकार किया जा सकता है।
लालच देकर धर्म बदलवाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा: अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि लालच देकर धर्म परिवर्तन करने वालों से प्रशासन सख्ती से निपटेगा। धर्म परिवर्तन और लव जेहाद जैसे मुद्दों से प्रदेश का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री राजधानी के आईटी कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले लव जेहाद और अब धर्म परिवर्तन के बहाने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। आगरा में अब यह सब देख ही चुके हैं लेकिन प्रशासन लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों से सख्ती से निपटेगा। लव जेहाद का मुद्दा उठाने वाले इस मुद्दे पर खुद ही संकट में फंस गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे दिन लाने का वादा करने वालों के सहयोगी क्या कर रहे हैं, इस ओर भी उन्हें ध्यान देना चाहिए।
धर्मांतरण को लेकर पिपराइच में हंगामा
गोरखपुर के पिपराइच के नवीपुर गांव में धर्मांतरण की सूचना पर गांव के लोगों ने हंगामा कर दिया। हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष और पिपराइच के ब्लॉक प्रमुख आनंद शाही भी समर्थकों के साथ पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। हंगामे की जानकारी पाकर सीओ चौरीचौरा पिपराइच पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और हरदोई के दो युवकों और तीन युवतियों सहित आधा दर्जन लोगों को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
पिपराइच प्रतिनिधि के अनुसार नवीपुर गांव निवासी रंगीलाल सहित गांव के पांच परिवारों ने ईसाई धर्म अपना लिया है। रंगीलाल के घर पर मंगलवार सुबह सहभोज आयोजित हुआ था। कार्यक्रम में नवीपुर गांव के साथ ही परशुरामपुर, कथवलिया, नियामतपुर, मऊलाखोर के लोगों को भी आमंत्रित किया गया था। सूत्रों के मुताबिक हरदोई के दो युवक और तीन युवतियां भी इस आयोजन में शामिल होने पहुंचे थे। इसी बीच गांव में सहभोज कार्यक्रम में धर्मांतरण कराने की बात फैल गई। किसी ने इसकी सूचना हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष और पिपराइच के ब्लॉक प्रमुख आनंद शाही को भी दे दी। पुलिस को सूचना देने के बाद आनंद समर्थकों को लेकर नवीपुर पहुंचे। इस बीच गांव के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया था।
ब्लॉक प्रमुख ने गांव के लोगों से पूरे मामले की जानकारी ली। धर्मांतरण की अफवाह पर सीओ चौरीचौरा विजय शंकर तिवारी भी पिपराइच पुलिस के साथ नवीपुर पहुंचे। हंगामा बढ़ता देख उन्होंने रंगीलाल के यहां आयोजित कार्यक्रम बंद करा दिया। गांव वालों के मुताबिक हरदोई के दो युवकों और तीन युवतियों सहित आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष आनंद शाही ने बताया कि नवीपुर गांव के कुछ लोगों ने जानकारी दी थी कि हरदोई से कुछ लोग गांव में आकर धर्मांतरण करा रहे है। गांव में नजारा धर्मांतरण जैसा ही था। इस मामले में अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
गंगुआ में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
पिपरा कनक (कुशीनगर)। गंगुआ मठिया गांव में बुधवार को भी पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। ईसाई धर्म के प्रति आस्था जताने वाले पांच परिवारों के कुछ लोग गांव में वापस आ गए हैं जबकि कुछ लोग अब भी नहीं लौटे हैं।
दोपहर में माहौल का जायजा लेने एएसपी पहुंचे। उन्होंने मातहतों को गांव में किसी संगठन के लोगों को आने से रोकने का निर्देश दिया। साथ ही गांव के लोगों से मिलकर शांति कायम रखने में मदद की अपील की।
इस गांव के पिछले दिनों कुछ लोगों के धर्म बदल लेने की सूचना से हलचल मच गई थी। अधिकारियों और कुछ संगठनों की सक्रियता बढ़ने के बाद ईसाई धर्म के प्रति आस्था जताने वाले लोग गांव से हट गए थे।
मंगलवार को डीएम और एसपी ने गांव में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। बुधवार दोपहर एएसपी और उपजिलधिकारी व क्षेत्राधिकारी तमकुही गांव में पहुंचे। इन अधिकारियों ने गांव के लोगों से मिलकर स्थिति की जानकारी ली। साथ ही यहां तैनात पुलिस के जवानों को निर्देश दिया कि बाहरी लोगों को गांव में आने से रोका जाए।
कड़ी सुरक्षा में नंदकिशोर वाल्मीकि को भेजा जेल
आगरा। धर्मांतरण प्रकरण के आरोपी नंदकिशोर वाल्मीकि को बुधवार सुबह कड़ी सुरक्षा में प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धीरेंद्र कुमार सिंह के कोर्ट में पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने उसे 24 दिसंबर तक की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। नंदकिशोर को जिला कारागार ले जाया गया। यहां उसे बैरक नंबर चार में रखा गया है।
देवरी रोड स्थित वेद नगर में आठ दिसंबर को 37 मुस्लिम परिवारों के कथित धर्मांतरण के बाद बवाल खड़ा हो गया था। मामले में बस्ती के ठेकेदार इस्माइल ने नंदकिशोर वाल्मीकि के खिलाफ लालच और धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन कराने का मुकदमा दर्ज कराया था, तभी से पुलिस आरोपी नंदकिशोर की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को पुलिस ने नंदकिशोर को ईदगाह बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार दर्शाया था। बुधवार सुबह नंदकिशोर की पेशी के मद्देनजर दीवानी परिसर में काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। सीओ हरीपर्वत, सीओ एलआईयू समेत कई पुलिस अधिकारी डेरा जमाए हुए थे।
सुबह दस बजे उसे सुरक्षा घेरे में प्रभारी सीजेएम की अदालत में पेश किया। दोपहर एक बजे सीजेएम ने नंदकिशोर को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। नंदकिशोर की पैरवी में भाजपा से जुड़े अधिवक्ता पूर्व डीजीसी अशोक गुप्ता, अशोक कोटिया, हेमेंद्र शर्मा, मधु शर्मा, बसंत गुप्ता, अर्जुन सिंह, सर्वेश कुमार, पप्पू तिवारी आदि मौजूद थे। नंदकिशोर ने कहा कि उन्होंने कोई धर्मांतरण नहीं कराया है। यह कुछ परिवारों की घर वापसी का कार्यक्रम था। यह कोई गुनाह नहीं है। उसने पुलिस पूछताछ में भी पूरे कार्यक्रम के लिए खुद को जिम्मेदार बताया। किसी अन्य हिंदूवादी संगठन का नाम लेने से साफ इनकार कर दिया।
धर्मांतरण के पीछे भाजपा का हाथ: प्रदीप माथुर
कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने कहा है कि विकास के मुद्दे पर सत्ता में आई भाजपा धर्मांतरण के काम में जुट गई है। यह सब यूपी विधानसभा चुनाव 2017 को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। अब तो भाजपा के सांसद ही पीएम मोदी की बात नहीं सुनते तभी तो विवादित बयान न देने की नसीहत के बाद भी उनके सांसद धर्मांतरण कराने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने यह बातें बुधवार को वेद नगर कबाड़ बस्ती का दौरा करने के बाद कांग्रेस कार्यालय पर कही।
अलीगढ़ में ही होगा अगला धर्म वापसी कार्यक्रम: राजेश्वर
यूपी के एटा में धर्म जागरण मंच के पश्चिमी उप्र प्रभारी राजेश्वर सिंह ने कहा कि क्रिसमस पर अलीगढ़ में होने वाले कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है लेकिन अगला कार्यक्रम अलीगढ़ में ही होगा और उसके बाद फिर कहीं और कार्यक्रम किए जाएंगे। अलीगढ़ के कार्यक्रम को तुष्टिकरण नीति के तहत रोका गया है। वह बुधवार देर शाम एटा में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।
नंदकिशोर वाल्मीकि की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि वह वाल्मीकि ईसाई परियोजना के प्रांत संयोजक हैं और मंच के कार्यकर्ता। उनकी गिरफ्तारी गलत हुई है। आगरा में धर्म वापसी के लिए पीछे कोई लालच या दबाव नहीं था। जिन लोगों की घर वापसी कराई थी उनके शपथ-पत्र व प्रार्थना-पत्र संगठन के पास मौजूद हैं। सभी दस्तावेजों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि शासन प्रशासन ने दबाव बनाकर उनके बयान बदलवा दिए। इसकी जांच होनी चाहिए। अब तक तीन लाख से ज्यादा लोगों की हिंदू धर्म में घर वापसी करा चुके हैं। एटा, फीरोजबाद, मैनपुरी, हाथरस, शहाजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं, कासगंज, फर्रुखाबाद सहित अन्य जिलों में कार्यक्रम किए गए हैं।