आखिर बिना वीजा मोदी को मिला न्यौता
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जर्मनी ने बृहस्पतिवार को साफ कर दिया है कि नरेंद्र मोदी अगर प्रधानमंत्री बन जाते हैं, तो उन्हें इस देश में आने के लिए वीजा की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनका स्वागत किया जाएगा।
भारत में जर्मनी के राजदूत ने बयान में कहा, ‘भारत के चुने गए प्रधानमंत्री को जर्मनी आने के लिए वीजा की जरूरत नहीं है, उनका वहां पर स्वागत है।’
2002 के बाद लगा था प्रतिबंध
यह बयान इस लिहाज से अहम है क्योंकि 2002 के गुजरात दंगों के बाद कुछ देशों ने मोदी को वीजा देने पर प्रतिबंध लगा दिया था। जर्मन राजदूत ने देश में हुए नौ चरणों के मतदान की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, ‘भारत में चुनावी प्रक्रिया सच में काफी जोशपूर्ण, शक्तिशाली और अद्भुत रही, जिसमें पूरा देश 24 घंटे शामिल रहा। यह भारत की जड़ों में लोकतंत्र को दिखाता है, यही भारत की पहचान है।
अगली सरकार किसी भी बने, उसके सामने बहुत सी चुनौतियां होंगी। आधुनिक जर्मनी इन चुनौतियों से निपटने के लिए आदर्श साझेदार है।’