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सरकारी अस्पतालों के बाहर खुलेंगे जेनेरिक दवा स्टोर

Thu, 23 Jul 2015 02:15 AM IST
Updated Thu, 23 Jul 2015 02:15 AM IST
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Generic drug store will open outside of public hospitals

आम लोगों को सस्ती दवा मुहैया कराने के लिए सरकार सरकारी अस्पतालों के बाहर जेनेरिक स्टोर खोलने जा रही है। ये स्टोर अस्पताल परिसर में या परिसर के बाहर भी खोले जा सकते हैं।

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सरकार की तरफ से स्टोर खोलने में आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। रसायन व उर्वरक मंत्रालय के मुताबिक सरकार जन औषधि दुकान स्थापित करने के लिए फर्निशिंग व स्थापना लागत के रूप में एक बार में ढाई लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराएगी। चालू वित्त वर्ष यानी 2015-16 के दौरान कम से कम 200 जन औषधि स्टोर खोलने की योजना है।
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मंत्रालय के मुताबिक स्टोर खोलने की सहायता राशि जन औषधि योजना के तहत दी जाएगी। जन औषधि योजना के अंतर्गत जन औषधि स्टोर चलाने के लिए सरकारी अस्पताल परिसर या अन्य उचित स्थान पर जगह राज्य सरकारें उपलब्ध कराएंगीं।
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कल्याण गतिविधियां चलाने में न्यूनतम 3 वर्ष का अनुभव वाला कोई भी स्वयंसेवी संगठन, चैरिटीबल सोसाइटी व स्वयं सहायता समूह अस्पताल परिसर के बाहर जन औषधि स्टोर खोल सकता है।

स्टोर के लिए ढाई लाख रुपये तक की सहायता देगी सरकार

Generic drug store will open outside of public hospitals

मंत्रालय के मुताबिक प्रत्येक दवा के अधिकतम खुदरा मूल्य में बिक्री मूल्य पर 16 प्रतिशत का मार्जिन होता है। इसके अलावा स्टोर खोलने वालों को कुल बिक्री राशि पर 8 फीसदी प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

मंत्रालय के मुताबिक अभी 16 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 182 जन औषधि स्टोर खोले गए हैं। जन औषधि स्टोर स्थापित करने के इच्छुक लोगों के अनुरोध पर मांगी गई जगह पर जन औषधि स्टोर खोले जाते हैं।

मंत्रालय के मुताबिक एम्स, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्रमुख अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों में जन औषधि स्टोर खोले जाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

मंत्रालय का मानना है कि राज्य सरकार के समर्थन पर अत्यधिक निर्भरता, कमजोर सप्लाई चेन प्रबंधन, डॉक्टरों द्वारा जेनेरिक दवाएं नहीं लिखना जैसी समस्याओं की वजह से जेनेरिक स्टोर काफी सफल नहीं हो पाए।

मंत्रालय की तरफ से जेनेरिक दवाइयों की उत्पादन संख्या को 361 से बढ़ाकर 504 किया जा रहा है। इंडियन ड्रग एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (आईडीपीएल) तथा हिंदुस्तान एंटी बायोटिक लिमिटेड (एचएएल) और सार्वजनिक क्षेत्र की फार्मा कंपनियां योजना के लिए दवाएं उपलब्ध कराने में सहयोगी हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के लिए 131 दवाइयां चिह्नित की गई हैं।

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