251 वाले फोन के जीएम के पिता भी चलाते हैं बारदाने की दुकान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोबाइल फ्रीडम 251 की कंपनी रिंगिंग बेल्स प्राइवेट लिमिटेड में महाप्रबंधक भी शामली का है। उसके पिता भी रेलवे रोड पर बारदाने की दुकान करते हैं।
मूलरूप से गढ़ीपुख्ता कस्बा निवासी किराना व्यापारी राजेश कुमार के बेटे मोहित गोयल ने सबसे सस्ता मोबाइल फोन लांच करके देश दुनिया में शामली का नाम फैला दिया है।
तीन साल पहले तक पिता राजेश के साथ किराना की दुकान पर हाथ बंटाने वाला मोहित एकाएक सुर्खियां बन गया। वहीं, मालूम चला कि 18 फरवरी को मोबाइल कंपनी के विज्ञापन में जिस अनमोल गोयल का फोटो दिया गया, वह भी शामली के मोहल्ला माजरा रोड का रहने वाला है। अनमोल के पिता सुनील कुमार बारदाना व्यापारी हैं और उनकी दुकान भी रेलवे रोड पर है।
अनमोल की प्रारंभिक शिक्षा शामली से हुई
अनमोल की प्रारंभिक शिक्षा शामली से हुई, जिसके बाद बड़ौत स्थित कॉलेज से उसने बीकॉम किया। पिता सुनील कुमार का कहना है कि उनका बेटा अनमोल सीए (चार्टर्ड एकाउंटेंट) करने के बाद नौकरी की तलाश में लगा था।
इसी दौरान उसका संपर्क मोहित गोयल से हुआ और उसकी कंपनी में बतौर जीएम नौकरी मिल गई। एक सवाल के जवाब में सुनील ने बताया कि रिंगिंग बेल्स में उनके बेटे की पार्टनरशिप नहीं है, बल्कि जीएम के पद पर नौकरी कर रहा है।
कौन कहता है पेड़ों पर नोट नहीं लगते
चर्चाओं में आए रिंगिंग बेल्स कंपनी के डायरेक्टर मोहित गोयल युवा होने के साथ ही काफी दिलचस्प हैं। उनके फेसबुक अकाउंट से इसकी पुष्टि होती है।
फेसबुक पर करीब चार साल के दौरान की गई पोस्ट में कहीं पर मोहित स्वीमिंग पूल में नहाते नजर आते हैं, तो कहीं दोस्तों के साथ टूर का आनंद लेते हुए। वहीं, एक पोस्ट उन्होंने ऐसी भी डाली है, जिसमें पेड़ पर नोट लटकाए हुए हैं और लिखा है कि कौन कहता है नोट पेड़ों पर नहीं लगते।
इसके अलावा हीरे की अंगूठी और कारों के फोटो भी पोस्ट कर रखे हैं। साथ ही धारणा गोयल से शादी के पहले रिंग सेरेमनी और रोकना की रस्म के अलावा अपना बर्थडे सेलीब्रेशन के फोटो भी डाले हुए हैं।
गड़बड़ी की आशंका में न्यायालय को भेजी ईमेल
शामली के राजेश तालान ने फ्रीडम 251 मोबाइल को लेकर गड़बड़ी की आशंका जताते हुए सर्वोच्च न्यायालय को ईमेल भेजी है। उनका कहना है कि जनहित में ईमेल भेजकर न्यायालय को अवगत कराया है, उसका जवाब अभी नहीं आया है।
थम नहीं रहा चर्चा का बाजार
फ्रीडम 251 मोबाइल को लेकर चर्चा का बाजार थम नहीं रहा। शुक्रवार को भी जगह जगह लोग इसी मोबाइल की चर्चा करते रहे। कोई मोहित गोयल की सोच को सही बता रहा था, तो कोई उसमें धोखाधड़ी की आशंका भी जताने लगा। वहीं, मोहित के पिता की दुकान पर भी लोग मोबाइल के बारे में पूछने पहुंच रहे हैं।