फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   gen vk singh tenders unconditional apology to sc

वीके सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी

Tue, 19 Nov 2013 12:38 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 19 Nov 2013 12:38 AM IST
विज्ञापन
gen vk singh tenders unconditional apology to sc

आयु विवाद में सुनाए गए आदेश के खिलाफ टिप्पणियां करने पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की कगार पर खड़े पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने बिना शर्त माफी की मांग अदालत से की है।

विज्ञापन


सर्वोच्च अदालत ने उन्हें अवमानना नोटिस जारी करते हुए कहा था कि पूर्व सेना प्रमुख की टिप्पणियां पहली नजर में न्यायालय के अधिकार को कम करने वाली लगती हैं।
विज्ञापन


सर्वोच्च अदालत ने एक समाचार पत्र में न्यायालय के आदेश के बारे में पूर्व सेना प्रमुख के हवाले से प्रकाशित उनकी टिप्पणियों पर स्वत: संज्ञान लेने के बाद अवमानना नोटिस जारी किया है। पूर्व सेना प्रमुख की ओर से मांगी गई बिना शर्त माफी के बारे में उनके अधिवक्ता ने सर्वोच्च अदालत को अवगत कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मालूम हो कि जस्टिस आरएम लोढ़ा व जस्टिस एचएल गोखले ने जनरल सिंह का बयान 22 सितंबर को प्रकाशित करने वाले एक अखबार के प्रकाशक को भी नोटिस जारी किया था। पीठ ने कहा था कि न्यायालय आपराधिक अवमानना का संज्ञान लेता है। साथ ही नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए।

जनरल सिंह गत वर्ष 10 फरवरी को उम्र विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई उस समय हार गए थे। जब न्यायालय ने कहा कि सेवा मामले में उनकी जन्म तिथि के बारे में सरकार का निर्णय ही लागू होगा।

इसके बाद जनरल सिंह ने अपनी याचिका वापस ले ली थी। न्यायालय ने जनरल सिंह से कहा था कि वह अपने इस आश्वासन से पीछे नहीं हट सकते हैं कि वह उनकी जन्म तिथि 10 मई, 1950 मानने पर सरकार के निर्णय का पालन करेंगे।

क्या है मामला
जनरल सिंह के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी आयु के मसले का निर्णय मैट्रिक के प्रमाण पत्र के आधार पर क्यों नहीं किया गया। जबकि बलात्कार पीड़ितों की आयु के मसले में ऐसे ही दस्तावेज पर भरोसा किया जाता है।


खबर में कहा गया था कि यदि अदालत बलात्कार पीड़ित की आयु का निर्धारण उसके मैट्रिक प्रमाण पत्र के आधार पर कर सकती है तो सुप्रीम कोर्ट मेरे मैट्रिक प्रमाण पत्र का निरीक्षण करके मेरी आयु के विवाद का निर्णय करने में क्यों विफल हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed