कतार में खड़ाकर की पूर्व सेनाध्यक्ष की जांच

पीयूष पांडेय/दिल्ली Updated Thu, 24 Oct 2013 01:00 AM IST
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gen vk singh faces ire of sc for contemptuous remarks

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‘एक कदम उतरा बुलंदी से और जमीं पर आ गया’ अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। जब देश की थलसेना का नेतृत्व कर चुके पूर्व शीर्षस्थ सैन्य अधिकारी को सर्वोच्च अदालत की तीन स्तरीय सुरक्षा के घेरे में जांच कराने के लिए कतार में खड़ा होना पड़ा।
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पहले मुख्य द्वार पर, फिर हाई सिक्योरिटी जोन में प्रवेश करते वक्त और इसके बाद कोर्ट नंबर-3 में प्रवेश करते वक्त जनरल सिंह को रोककर उनकी जांच की गई।
उम्र विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी करने को लेकर अवमानना के दायरे में आए पूर्व सेनाध्यक्ष ने अदालत परिसर से बाहर निकलते वक्त बातचीत करने से साफ इंकार किया।
काफी सख्त रहा सुप्रीम कोर्ट का रुख
उन्होंने यह टिप्पणी एक एजेंसी को दिए गए साक्षात्कार में की थी, जिसके बाद सर्वोच्च अदालत ने स्वत: संज्ञान लेकर नोटिस जारी किया था और उन्हें तलब किया था। स्वयंसेवी संगठनों और इसके बाद भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करने वाले पूर्व सेनाध्यक्ष के मामले में जहां आज सुप्रीम कोर्ट का रुख काफी सख्त रहा।

वहीं उनके वकील वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी शीर्षस्थ अदालत में चल रहे एक अन्य मामले में व्यस्त रहे। जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस पर खासी नाराजगी भी जताई। हालांकि जवाब देने के लिए उन्हें चार सप्ताह का समय दे दिया।

सुरक्षाकर्मी ने की जांच
पूर्व सेनाध्यक्ष दोपहर सवा एक बजे करीब सर्वोच्च अदालत पहुंचे। जहां मुख्य द्वार में प्रवेश करते वक्त लगी सिक्योरिटी मशीन को पार करने के बाद सुरक्षाकर्मी ने उनकी जांच की। इसके बाद हाई-सिक्योरिटी जोन में प्रवेश-पास के साथ वह कतार में खड़े हुए और फिर जांच के बाद उस कोर्ट के बाहर पहुंचे, जहां उनके खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई होनी थी।

वहां करीब पौने दो बजे जब वह कोर्ट के अंदर जाने लगे तो जनता दीर्घा द्वार के आगे खड़े सुरक्षाकर्मी ने उन्हें आवाज देकर रोक लिया। फिर पूर्व सेनाध्यक्ष के करीब पहुंचकर उनसे पास मांगा और पास देखने के बाद उनकी जांच की।

इस दौरान पूर्व सेनाध्यक्ष अपने करीब खड़े वकीलों को देखकर मुस्कराए फिर कोर्ट के अंदर चले गए। पूर्व सेनाध्यक्ष के कोर्ट में जाने के बाद जांच करने वाले सुरक्षाकर्मी से एक वकील ने पूछा, जानते हो कौन हैं। उसने कहा, नहीं। तब उसे वकील ने बताया कि यह थलसेना के पूर्व अध्यक्ष हैं।
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