समलैंगिक जोड़े ने लिए सात फेरे, मां ने दिया आशीर्वाद
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सब कुछ वही था जो एक शादी में होता है। बस इस शादी में दूल्हा भी लड़का और दुल्हन भी लड़की थी। एक समलैंगिक जोड़े ने चार साल से अधिक अपने इस प्रेम को सामाजिक तौर पर एक नई पहचान दी और शादी के बंधन में बंध कर हमेशा के लिए एक दूसरे के हो गए।
चार साल से रिलेशन में रह रहे मुम्बई के दो समलैंगिक जोड़े ने एक साथ रहने का फैसला किया और मराठी पारंपरिक अंदाज में एक दूसरे से शादी कर ली। इन दोनों का कहना है कि अपने चार साल के रिश्ते को एक नाम और पहचान देने के लिए उन्होंने शादी करने का फैसला किया।
मुम्बई की एलजीबीटी कम्यूनिटि के दो युवाओं मिलिंद और वैभव ने 31 जनवरी 2015 को एक दूसरे से शादी की। उन्होंने बताया कि मुम्बई के फ्रैंड़स हाउस जागेश्वरी में शादी सामरोह का आयोजन किया गया। जिसमें उनके कुछ खास दोस्तों और परिवार के कुछ सदस्यों ने हिस्सा लिया।
सब कुछ वहीं जो एक शादी में होता है
दोनो ने बताया कि एक संस्कृत टीचर ने मराठी पारंपरिक अंदाज में उनकी शादी समारोह का आयोजन किया, जिसमें हल्दी हाथ, संगीत, मेहंदी सभी शामिल थे।
मिलिंद और वैभव दोनों ही मुम्बई से हैं। उनका कहना है कि अपने चार के इस प्यार को एक नाम और पहचान देने के लिए उन दोनों ने शादी करने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि उनके इस रिश्ते को लेकर उनके माता-पिता सहमत नहीं थे। उनके कुछ परिवार के सदस्य भी नाखुश थे और न ही वे शादी समारोह में शामिल हुए।
लेकिन उनके दोस्तों ने उन्हें काफी सपोर्ट किया यहां तक कि शादी के लिए खरीददारी सभी जरुरी सामान का इंतजाम भी दोस्तों ने ही किया।
ये थी सबसे बड़ी चुनौती
मिलिंद और वैभव ने बताया कि सबसे बड़ी चुनौती शादी के लिए पंडित को बुलाने की थी। शादी कराने के लिए कोई भी पंडित नहीं मिला। बाद में एक पंडित ने विवाह संस्कार के मंत्रों में परिवतर्न की शर्त पर हामी भरी। शादी करने के बाद अब दोनों एक दूसरे के साथ रह रहे हैं।
अब बधाई का सिलसिला
उन्होंने बताया कि अब जिसको भी पता लग रहा है वे सब मेल, फोन, सोशल साइट पर बधाई दे रहे हैं। शादी करने के बाद दोस्तों और अन्य जो लोग उन्हें जानते हैं लगातार बधाई संदेश मिल रहे हैं।
उनका कहना है कि पडोसी, दोस्तों और लोगों का काफी सपोर्ट मिल रहा है। वे दोनों एक साथ रह रहे हैं और खुश हैं। बता दें कि संविधान की धारा 377 में भारत में समलैंगिकता अवैध है। यह कानून ब्रिटिश शासनकाल से चला आ रहा है।