विदेश मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, बम्बावाले की होगी पाक में नियुक्ति
केंद्र सरकार ने उच्च राजनयिक पदों पर नए चेहरों की नियुक्ति कर विदेश मंत्रालय में बड़ा फेरबदल करने की शुरुआत कर दी है। इसके लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदों पर राजनयिकों की नियुक्ति और तबादले किए हैं। इसमें जो सबसे अहम नियुक्ति है वह है भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में गौतम बम्बावाले की उच्चायुक्त के पद पर नियुक्ति।
बम्बावाले की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के लिए पाकिस्तान सबसे संवेदनशील राष्ट्र है और बम्बावाले को चीन के मामलों का विशेषज्ञ भी माना जाता है। पाकिस्तान और भारत के साथ बढ़ते मतभेदों और सीमा पर लगातार हो रहे सीजफायर उल्लंघन के बीच इनकी उच्चायुक्त के पद पर नियुक्ति राजनीतिक और कूटनीतिक तौर पर अहम फैसला साबित हो सकता है। पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ती दोस्ती भारत के लिए एक चिंता का विषय है। ऐसे में बम्बावाले की पाक में भारतीय उच्चायुक्त के पद पर नियुक्ति से तीनों देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वह दिसम्बर में रिटायर हो रहे पाकिस्ताम में भारतीय उच्चायुक्त टीसीए राघवन की जगह लेंगे। इस वक्त वह भूटान में भारत के राजदूत के पद पर नियुक्त हैं।
सरकार ने सैय्यद अकबरुद्दीन को भी बड़ा पद देने का फैसला किया है। अकबरुद्दीन को संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया जाएगा। वह अशोक मुखर्जी की जगह लेंगे जो जल्द ही रिटायर हो रहे हैं। अकबरुद्दीन ने बतौर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काफी नाम कमाया था और उन्हें मोदी भी काफी पसंद करते हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मोदी के साथ कई देशों की यात्राएं की थी। वह अपने बेरतरीन काम के लिए भी जाने जाते हैं।
बड़े पैमाने पर फेरबदल
सरकार ने नवतेज सरना को लंदन में भारतीय उच्चायुक्त नियुक्त करने का भी फैसला किया है। सरना पहले इजरायल में भारतीय राजदूत रह चुके हैं और उन्हें राजनीतिक, सांस्कृतिक और प्रवासी मामलों का जानकार माना जाता है। वर्तमान में सरना विदेश में मंत्रालय में बतौर सचिव (पश्चिम) नियुक्त हैं।
इस बड़े फेरबदल के तहत अनिल वाधवा को रोम भेजने का फैसला किया गया है। इसके अलावा मुख्यालय के दो प्रमुख वरिष्ठ अधिकारियों को हटा कर अमर सिन्हा और अमरेंद्र खटुआ की नियुक्ति किए जाने का भी सरकार ने फैसला किया है जो पूर्व व पश्चिम के नए सचिव होंगे। सिन्हा अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत के पद पर रह चुके हैं और उन्होंने हामिद करजई से अशरफ घनी के हाथ में सत्ता जाने के दौरान की स्थितियों के गवाह हैं। वहीं, खटुआ वर्तमान में अर्जेंटिना में भारतीय राजदूत के पद पर नियुक्त हैं।
यह लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती। ढाका में भारतीय उच्चायुक्त पंकज सरन मास्को में पीएस राघवन की जगह लेंगे जो इसी साल दिसम्बर में रिटायर हो रहे हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच हुए 'भूमि सीमा समझौता' में सरन ने अहम भूमिका निभाई थी। सरकार हर्ष वी शृंगला का बैंकाक से ढाका भेजेगी। शृंगला की गिनती विदेश मंत्रालय के बेहतरीन राजनयिकों में होती है। उन्होंने भारत के पड़ोसी देशों बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार और मालदीव में अपनी सेवाएं दी। उन्हें क्षेत्र और उसकी समस्याओं का जानकार माना जाता है। इसके अलावा कई अन्य राजनयिकों की नियुक्ति में फेरबदल किए गए हैं।