फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   gateman beaten by police

अखिलेश की पुलिस की दबंगई, गेटमैन को रॉड से पीटकर खुलवाया गेट

Thu, 27 Aug 2015 12:56 PM IST
Updated Thu, 27 Aug 2015 12:56 PM IST
विज्ञापन
gateman beaten by police

वर्दी के रौब में अम्हैड़ा चौकी में तैनात एक सिपाही ने गजरौला-नजीबाबाद पैसेंजर ट्रेन गुजारने के लिए बंद किया गया रेलवे फाटक खोलने से मना करने पर गेट मैन को जमकर पीटा।

विज्ञापन


सिपाही ने गेटमैन के सिर पर लोहे की रॉड मारकर लहूलुहान कर दिया। रॉड लगने से गेट मैन बेहोश हो गया। सूचना मिलने के दो घंटे बाद बिजनौर से रेलवे अधिकारी आरपीएफ के साथ नजीबाबाद-गजरौला पैसेंजर से मौके पर पहुंचे तो गेटमैन के बेहोश होने के कारण फाटक खुले थे।
विज्ञापन


ट्रेन चालक ने फाटक खुले देखकर ट्रेन रोकी। फाटक के दोनों ओर ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनवाकर ट्रेन को गुजारा गया। घटना का पता चलने पर एसपी हरिनारायण सिंह अम्हैड़ा पुलिस चौकी पहुंचे और कार्रवाई के आदेश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने घायल का तत्काल मेडिकल कराने के बजाए पांच घंटे तक थाने में बैठाए रखा। घायल गेटमैन के परिजनों के थाने में हंगामा करने पर मेडिकल के लिए सीएचसी हल्दौर भेजा गया।

सिपाही का नाम है केपी सिंह

gateman beaten by police

रेलवे फाटक अम्हैड़ा पर थाना हीमपुर के गांव ननुपुरा निवासी सहदेव उर्फ सचिन गेटमैन है। बुधवार को प्रात: करीब सवा नौ बजे गजरौला-नजीबाबाद पैसेंजर के आने के लिए सहदेव ने फाटक बंद किया था। सहदेव फोन से हल्दौर स्टेशन को गाड़ी आने की सूचना दे रहा था।

सहदेव के मुताबिक अम्हैड़ा चौकी में तैनात सिपाही केपी सिंह बाइक से उसके पास आया और फाटक खोलने के लिए कहा। उसने ट्रेन आने के बाद ही फाटक खोलने की बात कही। इस पर  केपी सिंह आग बबूला हो गया।

उसने सहदेव के हाथ से टेलीफोन छीनकर जमीन पर दे मारा और सहदेव को लात घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। सहदेव ने जब विरोध किया तो सिपाही ने पास ही पड़ी लोहे की एक रॉड उठाकर उसके सिर में दे मारी।

रॉड लगने से वह लहूलुहान होकर बेहोश होकर गिर गया। ट्रेन के निलकने गेट पर कार्यरत हाल्ट के टिकट विक्रेता ने ट्रेन के निकलने पर गेट खोला।

फाटक खुला देख चालक ने रोकी ट्रेन

gateman beaten by police

घटना  की सूचना पर बिजनौर सीनियर सेक्टर इंजीनियर धर्मेश कुमार, आरपीएफ प्रभारी रामअवतार मीणा करीब दो घंटे बाद नजीबाबाद-गजरौला पैसेंजर से अम्हैड़ा फाटक पहुंचे। सहदेव के बेहोश पड़ा होने के कारण फाटक खुला था। फाटक खुला देख ट्रेन चालक ने ट्रेन रोक दी।

फाटक के दोनों ओर ग्रामीणों को मानव श्रृंखला बनाकर नूरपुर और बिजनौर का ट्रैफिक रोकने के लिए खड़ा किया गया। इसके बाद चालक ने धीरे-धीरे ट्रेन को निकाला। इस बीच एसपी हरिनारायण सिंह घटना का पता चलने पर अम्हैड़ा पुलिस चौकी पहुंच गए।

उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली तथा पुलिस को जांच के निर्देश दिए।  पुलिस घायल सहदेव को थाने ले आई। आरोप है कि पुलिस ने घायल सहदेव को अस्पताल भेजने के बजाए उसे थाने में ही बैठा लिया।

घायल के परिजनों ने किया थाने में हंगामा

gateman beaten by police

घायल के परिजन व ग्रामीण भी थाने पहुंच गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। करीब पांच घंटे बाद ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने सहदेव को मेडिकल के लिए सीएचसी हल्दौर भेजा। सहदेव की ओर से पुलिस में तहरीर दी गई है।

आरपीएफ चौकी प्रभारी रामअवतार मीणा का कहना है कि घटना जो आरपीएफ के कार्यक्षेत्र में नहीं है। घटना की रिपोर्ट थाना हल्दौर में दर्ज होनी है। इसलिए घायल सहदेव को थाने भेजा गया है। हालांकि अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। सहदेव के परिजनों के मुताबिक थाना पुलिस जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज करने की बात कह रही है।

नजीबाबाद-गजरौला पैसेंजर फाटक से करीब साढ़े 11 बजे गुजरनी थी, लेकिन सहदेव के बेहोश होने के कारण फाटक खुला हुआ था। ऐसे में ग्रामीणों ने सूझ बूझ का परिचय देते हुए कपड़े लेकर खड़े हो गए और हाईवे पर तेज रफ्तार से आ रहे वाहनों को रोका।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed