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'मैडम का योग भंग' करने वाले माली को आखिरकार मिला इंसाफ

Tue, 02 Jun 2015 02:32 AM IST
Updated Tue, 02 Jun 2015 02:32 AM IST
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gardener vishwanath yadav got justice in ias officer yoga case

गोरखपुर जिला प्रशासन ने अब स्वीकार किया है कि पंत पार्क में तैनात जीडीए के माली विश्वनाथ यादव ने शांति व्यवस्था भंग नहीं की थी।

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जीडीए सचिव और माली के प्रार्थनापत्र का हवाला देते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ चल रहे मुकदमे को 21 मई को ही खामोशी से निरस्त कर दिया था, लेकिन यह कार्रवाई सोमवार को तब आम-ओ-खास हुई जब जीडीए के कुछ कर्मचारी डीएम दफ्तर पर धरना देने पहुंचे थे।

सिटी मजिस्ट्रेट ने जब उन्हें मुकदमा निरस्त होने की जानकारी दी तो वे वापस लौट गए। यही नहीं अब इस मामले में कुछ लोगों के राजनीति करने के भी आरोप लग रहे हैं।
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पंत पार्क के माली विश्वनाथ यादव का कहना है कि मेरा किसी से कोई गिला शिकवा नहीं है। वह अफसर हैं और मैं कर्मचारी। हो सकता है उनकी कोई बात मैं नहीं समझ पाया या फिर वे मेरी बात नहीं समझ पाईं और कुछ लोगों ने तिल का ताड़ बना दिया। अगर मेरे नाम पर कोई प्रदर्शन या किसी भी प्रकार का विरोध जताता हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं की होगी। मेरा ऐसे लोगों से कोई नाता नहीं।

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जीडीए सचिव ने दी क्लीन चिट

gardener vishwanath yadav got justice in ias officer yoga case

सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश पत्र में कहा गया है कि जीडीए सचिव की तरफ से 21 मई को भेज गए पत्र के माध्यम से यह बताया गया कि लंबी सेवा अवधि के दौरान कभी भी काम और व्यवहार को लेकर माली विश्वनाथ की शिकायत नहीं मिली।

इसी तरह माली ने भी इसी दिन सिटी मजिस्ट्रेट को प्रार्थनापत्र देकर यह कहते हुए उन पर लगी धाराओं को समाप्त करने का अनुरोध किया था कि उन्होंने कोई गलती नहीं की।

उनका कहना था कि 19 मई को वह पंत पार्क में काम कर रहे थे। दोपहर के समय कैंट थाने से कांस्टेबल आए और उन्हें थाने ले गए। वहां से उन्हें नगर मजिस्ट्रेट के पास ले जाया गया और फिर वहां से जेल भेज दिया गया।

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