जज के सामने कुख्यात विक्की त्यागी को गोलियों से भूना
वेस्ट यूपी के कुख्यात बदमाश विक्की त्यागी को सोमवार दोपहर एडीजे कोर्ट संख्या दस में गोलियों से छलनी कर दिया गया। इस सनसनीखेज वारदात को बाल सुधार गृह से अप्रैल 2014 में फरार हुए शामली के बहावड़ी निवासी किशोर ने अंजाम दिया।
उसने पिस्टल की दो मैगजीन विक्की त्यागी पर खाली कर दी, इसके बाद हत्यारोपी ने कोर्ट में ही पिस्टल फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया। गोलियों की तड़तड़ाहट से कोर्ट परिसर में अफरातफरी मच गई।
मूल रूप से चरथावल के पावटी गांव निवासी विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी पुत्र राजवीर की सोमवार दोपहर एडीजे-10 मयंक चौहान की कोर्ट में उदयवीर चेयरमैन हत्याकांड में पेशी थी। दोपहर करीब सवा दो बजे एक दरोगा और छह सिपाही विक्की त्यागी को कड़ी सुरक्षा में जेल से कोर्ट में लेकर पहुंचे।
पगड़ी बांधकर वकील की वेशभूषा में आया था आरोपी
वहां विक्की के साथ आए हथियारबंद पुलिसकर्मी बाहर खड़े हो गए। करीब ढाई बजे जैसे ही उदयवीर हत्याकांड के वादी ब्रजवीर सिंह को बयान के लिए बुलाया गया, अधिवक्ता की वेशभूषा में सिर पर काली पगड़ी पहने और हाथ में फाइल लिए हत्यारोपी वहां पहुंचा।
कोर्ट के भीतर पहुंचते ही उसने फाइल में छिपाकर रखी गई पिस्टल निकाली और कटघरे में खड़े विक्की त्यागी पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जिससे विक्की त्यागी लहूलुहान होकर कटघरे में ही गिर पड़ा।
इससे पहले कोई कुछ समझ पाता हत्यारोपी ने फाइल में छिपाकर लाई गई दूसरी मैगजीन भी आराम से पिस्टल में लोड की और उसकी भी पूरी गोलियां कटघरे में गिरे विक्की त्यागी पर बरसा दीं। विक्की की मौके पर ही मौत हो गई।
बाल सुधार गृह से फरार हुआ था आरोपी
गोलियों की आवाज सुनकर कोर्ट से बाहर खड़े पुलिसकर्मी जब तक अंदर पहुंचते तब तक हत्यारोपी पिस्टल फेंककर दोनों हाथ ऊपर करके खड़ा हो गया। गोलियों की तड़तड़ाहट से कोर्ट परिसर में भगदड़ मच गई।
सूचना पर पहुंचे अफसरों ने हत्यारोपी को कड़ी सुरक्षा में नई मंडी कोतवाली भेजकर लाश को मोर्चरी पहुंचाया। मौके से पिस्टल और बिखरे पड़े खोखों को बरामद कर लिया गया। हत्यारोपी से अज्ञात स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है।
एसएसपी कृष्ण बहादुर सिंह ने कहा कि हत्यारोपी बहावड़ी गांव निवासी सावन मलिक है, जो अप्रैल 2014 में बाल सुधार गृह से फरार हो गया था। पूछताछ में उसने विक्की त्यागी से जान का खतरा भांपते हुए हत्या करने की जानकारी दी है। उसने खुद को नाबालिग बताया है, जिसकी जांच की जा रही है। कोर्ट में हुई हत्या के समय न्यायाधीश की मौजूदगी जांच का विषय है।
विक्की पर दर्ज हैं 54 मुकदमे
एसएसपी केबी सिंह ने बताया कि विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी 20 अगस्त 2007 से जेल में बंद था। करीब दो वर्ष पूर्व उसे सुरक्षा के मद्देनजर बरेली जेल में ट्रांसफर किया गया था, लेकिन बाद में उसे फिर से यहीं भेज दिया गया था। उस पर हत्या, लूट, अपहरण, फिरौती और रंगदारी समेत अन्य संगीन धाराओं में 54 मुकदमे दर्ज हैं।
इनमें मुख्यत: उदयवीर चेयरमैन के परिवार के आठ सदस्यों की हत्या, हाईवे पर बुलंदशहर के बंदी वाहन पर हमला कर सिपाही नरेंद्र की हत्या और प्रधान बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा की हत्या शामिल है। इसके अलावा, उस पर गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट भी लगी हुई हैं।