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यूपीः सैकडों की भीड़ में कुख्यात को गोलियों से भूना

Sat, 18 Apr 2015 09:14 AM IST
Updated Sat, 18 Apr 2015 09:14 AM IST
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gangster killed on railway station

इलाहाबाद की नैनी जेल से पेशी पर लाए गए बदमाश आसिफ जायदा पर शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर पुलिस कस्टडी में ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी गईं। बंदी की सुरक्षा में आए पुलिसकर्मी गोलियां चलते ही भाग खड़े हुए। सरेआम हजारों यात्रियों के बीच हुई वारदात से स्टेशन पर भगदड़ मच गई।

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वारदात को अंजाम देकर तीनों हमलावर पैदल ही फरार हो गए। घायल बंदी को मेरठ के एक हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। शहर कोतवाली क्षेत्र के खादरवाला निवासी आसिफ जायदा पुत्र यासीन शातिर अपराधी था। उस पर हत्या, लूट, अपहरण और रंगदारी के दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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आसिफ को अगस्त 2013 में इलाहाबाद की नैनी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। बीते पांच साल से जेल में बंद शातिर को शुक्रवार को शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई एक हत्या के मामले में इलाहाबाद पुलिस पेशी पर लेकर आई थी। जायदा के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में सुनवाई हुई।
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इलाहाबाद पुलिस के हेड कांस्टेबल ब्रजकिशोर मिश्रा के नेतृत्व में कांस्टेबल चंद्रसेन सिंह, कमलेश राय, जयहिंद आजाद और दीपेश कुमार आसिफ जायदा को कचहरी से लेकर मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। टीम को शाम 5.30 पर देहरादून-बांद्रा एक्सप्रेस पकड़कर गाजियाबाद पहुंचना था, जहां से उन्हें इलाहाबाद रवाना होना था।

इलाहाबाद से पेशी पर लाया गया था कुख्यात

gangster killed on railway station

सवा पांच बजे पुलिसकर्मी कचहरी से निकले, आसिफ जायदा से मिलने उसका पिता यासीन अपने दूसरे बेटे के साथ स्टेशन पहुंचा था। जैसे ही ट्रेन के आने के आने का एनाउंस हुआ, पुलिसकर्मी जायदा को लेकर प्लेटफॉर्म नंबर एक पर बने आरपीएफ थाने के करीब पहुंची।

इसी दौरान पीछे से आए तीन बदमाशों ने जायदा पर पिस्टल और तमंचों से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। एकाएक हुए हमले से इलाहाबाद पुलिस के सिपाही भाग खड़े हुए और स्टेशन पर भगदड़ मच गई। प्लेटफार्म नंबर दो पर हजारों यात्री रेलगाड़ियों के इंतजार में खड़े थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बंदी को लेकर आए इलाहाबाद पुलिस ने बदमाशों से कोई मुकाबला नहीं किया। सुरक्षा गारद के कंधों पर ही हथियार लटके रह गए। हमलावर बेखौफ तरीके से वारदात को अंजाम देकर पैदल ही स्टेशन के सामने से रोडवेज की ओर जाने वाली गली से फरार हो गए।

हड़बड़ाए पुलिसकर्मी जैसे-जैसे लहूलुहान बंदी को ई-रिक्शा में लादकर जिला अस्पताल ले गए। आसिफ को तीन गोलियां लगी थी। गंभीर हालत में उसे मेरठ रेफर कर दिया गया, जहां आनंद हॉस्पिटल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एसएसपी केबी सिंह, एसपी सिटी श्रवण कुमार और सीओ सिटी संजीव वाजपेयी समेत कई थानों की पुलिस स्टेशन पहुंची।

साहब, गोली चलाते तो बेकसूर मारे जाते

gangster killed on railway station

पुलिस को मौके से एक तमंचा भी बरामद हुआ। पुलिस ने घटनास्थल से छह खोखे बरामद किए हैं। एसएसपी के मुताबिक घटना के दौरान बंदी के पिता और भाई ने हमलावरों को पहचानने का दावा किया है। मामला रंजिश का हो सकता है। तहरीर आने पर आगे की कार्रवाई होगी।

बंदी के साथ इलाहाबाद से सुरक्षा गारद में आए पुलिसवालों से एसएसपी केबी सिंह ने अलग-अलग बयान लिए। शहर कोतवाली में हेड कांस्टेबल ब्रजकिशोर मिश्रा के नेतृत्व में आए पुलिसकर्मी अचानक हुए हमले पर कुछ नहीं बोल पाए। कांस्टेबल कमलेश राय ने कहा कि साहब वह गोली चलाते तो स्टेशन पर बेकसूर लोग मारे जाते।

हजारों लोगों की भीड़ प्लेटफार्म पर खड़ी थी और बदमाश भी भीड़ में घुसकर ही फरार हो गए। सिपाही चंद्रसेन ने बताया कि बंदी को उन्होंने सुरक्षा घेरे में लिया हुआ था, जैसे ही ट्रेन आने का एनाउंस हुआ तभी पीछे से बदमाशों ने हमला कर दिया।

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