फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   gangrape case: sc agrees to hear plea on shifting trial

दिल्ली गैंगरेपः केस ट्रांसफर करने की याचिका स्वीकार

Mon, 21 Jan 2013 02:25 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 21 Jan 2013 02:25 PM IST
विज्ञापन
gangrape case: sc agrees to hear plea on shifting trial

सुप्रीम कोर्ट ने गैंगरेप केस का ट्रायल दिल्ली से बाहर ट्रांसफर किए जाने की याचिका स्वीकार कर ली है। सर्वोच्च आदलत इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करेगी। गौरतलब है शनिवार को गैंगरेप के अभियुक्तों में से एक मुकेश ने केस को मथुरा स्थानांतरित करने का आग्रह किया था।

विज्ञापन


चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर की अदालत में आज मुकेश के वकील मनोहर लाल शर्मा ने इस याचिका पर तुरंत सुनवाई की मांग की। वकील ने कहा कि दिल्ली के उत्तेजना भरे माहौल में निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई नहीं हो सकती। जिसके बाद कोर्ट ने याचिका को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्घ कर लिया।
विज्ञापन


सामूहिक बलात्कार और हत्या के अभियुक्त मुकेश ने स्थानांतरण याचिका में कहा है कि लगातार हो रहे आंदोलन के कारण पुलिस और न्यायिक अधिकारी लोगों की आकांक्षा के अनुरूप आदेश देने के लिए दबाव में हैं। ऐसी स्थिति में दिल्ली की अदालत में निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मामले में मुकेश के खिलाफ हत्या, सामूहिक बलात्कार और अप्राकृतिक अपराध करने सहित कई आरोप हैं। इस मामले में एक किशोर सहित छह आरोपी है। आरोपियों में राम सिंह, उसका भाई मुकेश और पवन गुप्ता, विनय शर्मा तथा अक्षय ठाकुर शामिल हैं।

इन सभी पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत हत्या, सामूहिक बलात्कार, हत्या के प्रयास, अपहरण, अप्राकृतिक अपराध, डकैती, लूटपाट के दौरान चोट पहुंचाने, सबूत नष्ट करने, आपराधिक साजिश रचने के आरोप हैं।

याचिका में कहा गया है कि चूंकि इस घटना से दिल्ली के हर घर की भावनाएं जुड़ी हैं और यहां तक कि न्यायिक अधिकारी तथा शासन भी इससे अछूता नहीं है। इसलिए इन परिस्थितियों में उसे किसी भी स्थिति में न्याय नहीं मिल सकेगा। याचिका में कहा गया है कि यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट को सौंपा जा चुका है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में 21 जनवरी से सुनवाई शुरू होगी। इस प्रकरण के बारे में मीडिया की खबरों, आंदोलन और राजनीतिक बयानों, मुख्यमंत्री तथा कैबिनेट मंत्रियों की व्यक्तिगत दिलचस्पी के कारण न्यायपालिका याचिकाकर्ता के खिलाफ काम करने के लिए दबाव में है।


याचिका में कहा गया है कि ऐसी स्थिति में इस मामले को दिल्ली से बाहर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थानांतरित कर देना चाहिए। याचिका के अनुसार मीडिया ट्रॉयल और इस घटना को लेकर रोजाना हो रहे आंदोलनों के कारण यह मसला घर-घर पहुंच चुका है। याचिकाकर्ता के वकील को भी धमकी मिल रही है और अदालत कक्ष में भी उसे ठीक से सुना नहीं गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed