फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Pilgrims returned as polluted Ganga water turned black in Dashashwamedh ghat Allahabad

गंगाजल हुआ काला, बिन डुबकी लौटे श्रद्धालु

Tue, 23 Dec 2014 03:36 PM IST
Updated Tue, 23 Dec 2014 03:36 PM IST
विज्ञापन
Pilgrims returned as polluted Ganga water turned black in Dashashwamedh ghat Allahabad

गंगाजल को लेकर जिला प्रशासन की लापरवाही सोमवार को फिर उजागर हुई। दारागंज स्थित दशाश्वमेध घाट पर गंगाजल काला हो गया। सुबह स्नान करने पहुंचे लोग काला जल देखकर बिना डुबकी लगाए लौट गए। घाट के पास ही नदी में नाले के जरिए सीवर का पानी मिला रहा है।

विज्ञापन


पतितपावनी के इस हाल से गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अफसरों के उन दावों की भी हवा निकल गई, जिसमें उन्होंने कहा था कि गंगा-यमुना में गिरने वाले 27 नाले टैप कर दिए गए हैं। माघ मेला शुरू होने में पखवारा भर भी नहीं बचा है, लेकिन गंगाजल की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।
विज्ञापन


दारागंज से संगम तक गंगाजल की स्थिति बेहद खराब है। इस हिस्से में पानी कभी काला तो कभी लाल हो जा रहा है। यमुना में पुराने पुल के ऊपर से गुजर रही क्षतिग्रस्त पाइप लाइन से हजारों लीटर गंदा पानी रोज गिर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे यमुना में भी काफी दूर तक झाग नजर आ रहा है। इस बीच सोमवार को दशाश्वमेध घाट के पास गंगाजल बिलकुल काला हो गया। पता चला कि यहां सीवर का पानी नाले के जरिए सीधे गंगा में गिर रहा है।

दशाश्वमेध घाट के पास नदी में मिल रहा सीवर का पानी

Pilgrims returned as polluted Ganga water turned black in Dashashwamedh ghat Allahabad

संगम के साथ दशाश्वमेध घाट पर स्नान करने वालों की काफी भीड़ होती है। सुबह श्रद्धालु यहां गंगास्नान को पहुंचे तो गंगाजल का ये हाल देख हतप्रभ रह गए।

यहां गंगाजल बिलकुल काला था और उससे बदबू भी आ रही थी। वे बिना डुबकी लगाए गंगा को हाथ जोड़कर चले गए। गंगा के इस हाल के लिए कई श्रद्धालु सरकार और जिला प्रशासन को भी कोसते रहे, लेकिन अफसर इसे लेकर जरा भी गंभीर नहीं दिख रहे।

गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक जेपी मणि ने रविवार को दावा किया था कि अब तक 27 नाले टैप कर दिए गए हैं, लेकिन सोमवार को दशाश्वमेध घाट के पास गंगाजल का जो हाल दिखा, उसने अफसरों की पोल खोल दी।

उधर, सूचना मिलने पर समाजसेवी कमलेश सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गंगाजल काला होने के संबंध में कमिश्नर को जानकारी दी गई। उन्होंने दावा किया कि अब भी बड़ी संख्या में नाले टैप नहीं किए गए हैं, जिसने गंदा पानी सीधे गंगा-यमुना में गिर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed