'पुलिस को हफ्ता देने के लिए की लूट'
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मध्यप्रदेश के छोटे से शहर में लूट की घटना के बाद लुटेरों ने एक चिठ्ठी छोड़ी। इस चिठ्ठी में लिखा था कि कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की वजह से हमें मजबूरन लूट करनी पड़ रही है।
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के अनुसार यह लूट की घटना उमरिया जिले में 12 अक्टूबर को हुई।
लुटेरों ने यह चिठ्ठी एक लिखित नोट के रूप में छोड़ी। उन्होंने लकड़ी की अलमारी पर मार्कर से लिख कर अपनी बात कही। पुलिस पर भ्रष्ट होने के आरोप लगने के बाद चोरों ने उन्हें अजीब स्थिति में ला छोड़ा।
चोरों ने अपने इस नोट में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर रमाकांत पांडे सहित दो और कॉन्सटेबल के नाम लिखे। उन्होंने लिखा कि जब तक ये तीन भ्रष्ट पुलिस अधिकारी हैं यहां ऐसे ही अपराध होते रहेंगे।
दूसरा कोई उपाय नहीं
चोरों ने अपनी पूरी बात लिखने के बाद सॉरी लिखा और यह भी जोड़ा कि उनके पास अपराध करने के सिवाए कोई दूसरा उपाय नहीं था।
लूट की यह घटना उस समय सामने आई कि दुकान के मालिक राजा वासवानी ने 13 अक्टूबर की सुबह उन्होंने अपनी दुकान खोली और उन्हें सामान गायब मिला। पुलिस के मुताबिक चोरों ने 25
हजार रुपए कैश किराने का सामान चोरी किया।
खबर के अनुसार लूट की घटना का पता चलते ही स्थानीय लोगों ने थाने का घेराव कर विरोध किया और पुलिस पर आरोप लगाया कि लगातार हो रहे इन अपराधों में पुलिस मिली हुई है।
नौरोजाबाद पुलिस स्टेशन के इंजार्ज ने लुटेरों के सारे आरोपों को खारिज करत हुए कहा कि लुटेरों ने फोर्स को बदनाम करने की कोशिश की है। हालांकि उन्होंने साथ में यह भी कहा कि हम इस बात
की जांच करेंगे कि लुटेरों ने अपने लिखित नोट में सिर्फ तीन पुलिसकर्मियों का ही नाम क्यों लिया।