फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   gang rape with girl and coversion in muzaffarnagar

यूपी: गैंगरेप के बाद युवती का धर्म परिवर्तन

Mon, 04 Aug 2014 05:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ, मुजफ्फरनगर Updated Mon, 04 Aug 2014 05:54 PM IST
विज्ञापन
gang rape with girl and coversion in muzaffarnagar

युवती से गैंगरेप और धर्म परिवर्तन की घटना के बाद रविवार देर रात मेरठ के खरखौदा कस्बे में बवाल हो गया। दिनभर हंगामे के बाद रात में एकाएक युवकों की भीड़ ने खरखौदा में दूसरे संप्रदाय के चार मकानों में तोड़फोड़ करते हुए पथराव कर दिया। इससे सांप्रदायिक तनाव और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। देर रात कस्बे में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। वहीं अतराड़ा में भी दो घरों में तोड़फोड़ और पथराव किया गया।

विज्ञापन


रविवार पूर्वाह्न 10 बजे पीड़ित युवती को साथ लेकर परिजन खरखौदा थाने पहुंचे। पीड़ित परिवार के समर्थन में लोग भी जुटने लगे थे। लोग में भारी गुस्सा था। हर किसी की जुबां पर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कराने की मांग थी। दिन ढलने से पूर्व पुलिस अधिकारियों ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी ग्राम प्रधान और एक युवती को गिरफ्तार कर थाने से तो लोगों को भेज दिया, मगर लोगों में गुस्सा बरकरार रहा। रात करीब 11 बजे उसका रिएक्शन ऐसा हुआ कि कस्बा खरखौदा के एक मोहल्ले में युवकों की भीड़ लाठी डंडे और सरिये लेकर पहुंच गई। युवकों ने कई घरों में तोड़फोड़ मचा दी। दरवाजों पर पथराव कर दिया। इससे घरों में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद खरखौदा थाने से पुलिस और पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे। तब तक पथराव और तोड़फोड़ करने वाले फरार हो चुके थे। एहतियातन उस मोहल्ले में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई।
विज्ञापन


उधर, रात करीब सवा 11 बजे अतराड़ा गांव में भी दूसरे संप्रदाय के दो मकानों पर पथराव की सूचना आई। इसके बाद खरखौदा में कैंप कर रही पीएसी और पुलिस की दो जीप अतराड़ा भेजी गईं। सीओ किठौर ने बताया कि अतराड़ा में पथराव दो दिन से चल रहे दो पक्षों में झगड़े के कारण हुआ है। उस घटना का युवती के धर्म परिवर्तन वाले मामले से लेना देना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सांप्रदायिक तनाव से सहमे लोग
पीड़िता के गांव में तनाव फैला हुआ है, वहीं खरखौदा और आसपास के गांवों में भी तनाव की स्थिति बन गई है। कस्बा खरखौदा में रोजाना की अपेक्षा रविवार को जल्द बाजार बंद हो गए। रात में लोग अपने घरों की छतों पर जागते रहे। आशंका रही कि रात में बवाल न हो जाए। खरखौदा थाने पर ही मेरठ से एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग, एसपी ट्रैफिक पीके तिवारी, हापुड़ से अपर पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह भी अपने साथ एक सीओ और दो थानों की फोर्स लेकर पहुंचे।

युवती ने किया सनसनीखेज खुलासा

gang rape with girl and coversion in muzaffarnagar

मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र के एक गांव से युवती का समुदाय विशेष के लोगों ने अपहरण कर लिया। करीब दस दिनों बाद रविवार को मुजफ्फरनगर के एक मदरसे से छूटकर युवती ने गांव पहुंचकर सनसनीखेज खुलासा किया।

बताया कि सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसका जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया गया। युवती के पेट पर ऑपरेशन के निशान से उसकी किडनी निकालने की भी आशंका है। घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया।

डीएम हापुड़ आरके सिंह के अनुसार गांव को हापुड़ प्रशासन ने तीन सेक्टरों में बांटकर पुलिस, पीएसी और मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। वहीं, मेरठ से खरखौदा के अलावा कई थानों की फोर्स के अलावा पीएसी तैनात कर दी गई।

'45-50 युवतियों को सऊदी अरब में बेचने की तैयारी'

gang rape with girl and coversion in muzaffarnagar

इस बीच रविवार को पीड़िता को लेकर थाना खरखौदा पहुंचे परिजनों और भाजपा नेताओं ने जमकर हंगामा किया। आला अफसरों के पहुंचने पर करीब चार घंटे बाद मदरसे के हाफिज और ग्राम प्रधान समेत नौ लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया। लापरवाही पर एसओ को लाइन हाजिर कर दिया गया। पुलिस ने ग्राम प्रधान और एक युवती को गिरफ्तार किया है। देर रात अतराड़ा गांव में घटना को लेकर कुछ लोगों ने एक घर में पथराव कर दिया।

पीड़ित युवती (20) स्नातक की पढ़ाई कर गांव के ही मदरसे में हिंदी और अंग्रेजी पढ़ाती थी। छह महीने पूर्व उसने नौकरी छोड़ दी थी। युवती के पिता की ओर से दर्ज एफआईआर में बताया गया कि 23 जुलाई को मदरसे के हाफिज सन्नाउल्ला और ग्राम प्रधान नवाब ने साथियों के साथ युवती का अपहरण कर लिया। हापुड़ स्थित मदरसे ले जाकर उससे गैंगरेप किया और जबरदस्ती उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। उसकी पिटाई की गई और जान से मारने की धमकी दी।

वहीं, युवती ने पुलिस को बताया कि उसे हापुड़ के अलावा गढ़मुक्तेश्वर के एक गांव और फिर मुजफ्फरनगर तथा देवबंद स्थित मदरसों में बंधक बनाकर रखा गया। वहां उसे बेहोश रखने के लिए नशे का इंजेक्शन लगाया जाता था।

युवती के अनुसार, मुजफ्फरनगर के मदरसे में उसके जैसी करीब 45-50 और भी युवतियां थीं। उनकी भी ऐसी हालत कर यहां बंधक बनाकर रखा गया है। सभी को एक-एक कर सऊदी अरब में बेचने की तैयारी है। युवती ने बताया कि उस मदरसे में निर्माण चल रहा था। रविवार तड़के वह किसी तरह मौका पाकर वहां से भाग निकली। वह बस से भैसाली बस अड्डा पहुंचकर किसी राहगीर से मोबाइल फोन लेकर परिजनों को पूरा प्रकरण बताया।

पीड़िता के आज कोर्ट में होंगे बयान

gang rape with girl and coversion in muzaffarnagar

प्रभारी एसएसपी कैप्टन बेग ने बताया कि सोमवार को पीड़ित युवती के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे। युवती के पिता की तहरीर पर गांव सरावा निवासी ग्राम प्रधान नवाब पुत्र यासीन, सनाउल्ला पुत्र बकाउल्ला, सनाउल्ला की पत्नी निशात और मदरसे के हाफिज के खिलाफ धारा 363/366, 376 (घ), 295 (क) 420, 467, 468, 471, 323, 504, 506 आईपीसी में केस दर्ज कर लिया गया है।

प्रधान नवाब और महिला निशात को गिरफ्तार कर लिया गया है। किडनी के संबंध में बिना मेडिकल रिपोर्ट के अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

डॉक्टर बोले, प्रथम दृष्टया किडनी केस
देर शाम युवती को मेडिकल के लिए मेरठ स्थित डफरिन अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने युवती के पेट पर लगे टांके देखकर प्रथम दृष्टया इसे किडनी निकालने से जुड़ा मामला बताया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच रिपोर्ट आने तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की। मेडिकल परीक्षण के बाद युवती को महिला थाना भेज दिया गया।

जांच में नहीं मिलीं लड़कियां, टीम वापस

gang rape with girl and coversion in muzaffarnagar

एक समुदाय विशेष की लड़कियों को मुजफ्फरनगर के मदरसे में बंधक बनाए जाने की सूचना पर पुलिस-प्रशासन की टीम ने रविवार शाम छापा मारा। करीब एक घंटे की जांच में मदरसे से लड़कियां नहीं मिलने पर टीम लौट गई। इस मामले में डीएम आवास पर अफसरों की बैठक चल रही थी।
     
आईजी मेरठ ने डीएम कौशलराज शर्मा और एसएसपी एचएन सिंह को मामले की जानकारी देकर कार्रवाई के आदेश दिए। शाम करीब छह बजे डीएम के आदेश पर पुलिस-प्रशासन की टीम ने मदरसे पर छापा मारा। एक महिला दारोगा को जांच के लिए मदरसे में भेजा गया।

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मदरसे में 40 से अधिक लड़कियों का रजिस्ट्रेशन पाया गया, जिनमें से 16 लड़कियों को रमजान और ईद की छुट्टियों में घर जाना बताया गया। किसी लड़की को मदरसे में बंधक बनाए जाने की पुष्टि नहीं हो पाई। इस पर टीम सभी लड़कियों के नाम और पते की जानकारी लेकर बैरंग लौट आई। छापा मारने वाली टीम में एडीएम प्रशासन डॉ इंद्रमणि त्रिपाठी, सिटी मजिस्ट्रेट विंध्यवासिनी राय, एसपी सिटी श्रवण कुमार और सीओ सिटी संजीव वाजपेयी समेत अन्य अफसर शामिल रहे।

महिला दारोगा ने अंदर जाकर जुटाई जानकारी

gang rape with girl and coversion in muzaffarnagar

मुजफ्फरनगर के एक मदरसे में छापे को लेकर पुलिस-प्रशासन घंटों तक ऊहापोह की स्थिति में रही। यहां तक कि छापे के दौरान अफसर विरोध के डर से स्थल में घुसने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाए। बाद में एक महिला दारोगा को भेजकर लड़कियों की जानकारी जुटाई गई। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने से अफसर घंटों तक सनसनीखेज मामले में कार्रवाई करने को लेकर ऊहापोह में रहे।

कार्रवाई किए जाने से पहले एलआईयू की टीम को क्षेत्र में भेजकर मदरसे की बाबत जानकारी जुटाई गई। भीड़ को देख विरोध के डर से टीम में शामिल अफसर मदरसे में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। आखिरकार एक महिला दारोगा को भेजकर वहां रह रही लड़कियों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई गई। रजिस्टर भी कब्जे में कर लिया गया। इसके बाद टीम वहां से डीएम आवास पहुंची और अफसरों को पूरे मामले की जानकारी दी। देर शाम डीएम की तरफ से प्रेसनोट जारी कर पूरे मामले की जानकारी देते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति-व्वयस्था बनाए रखने की अपील की गई।

डीएम कौशलराज शर्मा का कहना है कि खरखौदा की लड़की के मेरठ में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराए जा रहे हैं। मदरसे के रिकार्ड की जांच की जा रही है। इसमें कुल 258 छात्राएं अध्ययनरत पाई गई हैं, जिनमें से चार-पांच छात्राएं वहीं मौजूद हैं, जबकि अन्य ईद की छुट्टियों में घर गई हुईं हैं। यदि मेरठ की लड़की को वास्तव में मदरसे में बंधक बनाकर रखा गया था तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डीएम-एसएसपी से मिले भाजपा नेता    
भाजपा नेता जिलाध्यक्ष सत्यपाल पाल के नेतृत्व में डीएम-एसएसपी से मिले। उन्होंने डीएम से घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर मेरठ की लड़की के बयान सही साबित होने की स्थिति में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की। नितिन मलिक ने भी डीएम से घटना का सही खुलासा किए जाने की मांग की।    

भाजपा नेताओं को देख भड़के लोग    
मदरसा प्रकरण में जिस समय पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद थी, भाजपा नेता नितिन मलिक और संजय अग्रवाल समेत अन्य नेता वहां पहुंच गए। भाजपा नेताओं को वहां देख वहां मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। सीओ सिटी संजीव वाजपेयी ने माहौल को भांपते हुए भाजपा नेताओं को समझा-बुझाकर वहां से वापस भेज दिया।

आठ घंटे थाने का घेराव, कई बार बेहोश हुई युवती

gang rape with girl and coversion in muzaffarnagar

गैंगरेप व धर्म परिवर्तन मामले में पीड़ित परिजन पहले थाने पर ही पुलिस की कार्रवाई का इंतजार करते रहे लेकिन चार घंटे तक कोई कार्रवाई न होने पर लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने आठ घंटे तक थाने का घेराव किए रखा। युवती की हालत गंभीर होने के कारण इस आठ घंटे में वह कई बार बेहोश होकर गिर गई। थाने पहुंचे सीओ किठौर ने पीड़ित युवती को उसके परिजन और मीडिया से बात करने नहीं दी।

पीड़ित पक्ष से एक वकील ने विरोध किया और तहरीर को गलत बताते हुए अपने तरीके से तहरीर लिखवानी चाही तो सीओ किठौर भड़क गए और वकील को कमरे से बाहर निकलवा दिया। इस पर आक्रोश और भड़क गया। जमकर गालीगलौज हुई। मामला बिगड़ता देख सीओ ने वकील से माफी मांगी तब जाकर मामला शांत हुआ। सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक रवींद्र भड़ाना, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विनीत शारदा, अश्विनी त्यागी, बलराज डूंगर, इंद्रपाल बजरंगी आदि खरखौदा थाना पहुंचे। थाने में दरी बिछाकर धरना प्रदर्शन किया। एसओ को तुरंत सस्पेंड करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। हंगामे की सूचना पर डीएम हापुड़, एसपी देहात मेरठ, एसडीएम हापुड़ भी थाने पहुंचे। आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज हुआ। प्रभारी एसएसपी कैप्टन एमएम बेग ने मामले की जांच होने तक थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया।

वहीं, घटना को लेकर कस्बा के एक मोहल्ले में एक बैठक की गई। इसमें व्यापार संघ के अध्यक्ष राजीव त्यागी ने कहा कि तुरंत ही अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं की जाती है तो सोमवार को थाने पर बेमियादी धरना दिया जाएगा।

युवती ने पुलिस को बताया कि मुजफ्फरनगर के एक मदरसे में करीब 50 युवतियों को बंधक बनाकर रखा गया है। सभी को नशे के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। किसी अंग का ऑपरेशन करने के बाद उन्हें विदेश भेज दिया जाता है।

केस को कमजोर करने में रहा पुलिस का जोर

gang rape with girl and coversion in muzaffarnagar

अपहरण, गैंगरेप और जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसे संगीन मामले को भी पुलिस कमजोर करने पर तुली रही। यही वजह थी कि पीड़ित के बयान छह बार लिखे गए लेकिन हर बार कागज फाड़कर दोबारा बयान देने को कहा। इससे बदहवास युवती चिड़चिड़ा उठी। थाने में मौजूद लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा भड़क उठा और स्थिति बेकाबू हो गई।

थाना घेरकर भीड़ ने हंगामा किया। मौके पर पहुंचे सीओ किठौर श्वेताभ पांडे से धक्कामुक्की हुई। मेरठ-हापुड़ मार्ग पर आकर लोगों ने जाम लगा दिया। लोगों का आरोप था कि खरखौदा थाना पुलिस जानबूझकर केस को कमजोर करने में जुटी रही। रविवार सुबह 10 बजे पीड़ित पक्ष थाने पहुंचा और तहरीर दी लेकिन अपराह्न 2 बजे तक पुलिस ने रिपोर्ट तक नहीं लिखी। बार-बार बयान दर्ज करने में उलझाती रही। पुलिस समझाने की कोशिश करती लेकिन भीड़ काबू नहीं हो सकी। सीओ किठौर से धक्कामुक्की के बाद एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग फोर्स के साथ खरखौदा पहुंचे। उनके समझाने पर भी लोग नहीं माने। बस यही मांग करते रहे कि लापरवाह एसओ को सस्पेंड करो और आरोपियों को गिरफ्तार कराओ। भाजपाइयों के आने पर भी हंगामा चला।

थाने के गेट पर पिटाई

आरोपी ग्राम प्रधान नवाब का रिश्तेदार शौकीन भी खरखौदा थाने पहुंचा। जब भीड़ हंगामा कर रही थी, तभी वह थाने के गेट पर एक तरफ खड़ा किसी से प्रधान को बेकसूर बताते हुए अपनी बात करने लगा। इस पर युवकों ने घेरकर उसकी पिटाई कर डाली। सीओ श्वेताभ पांडे और पुलिसकर्मियों ने भीड़ से उसे छुड़ाया, तो पुलिस से भी हाथापाई हुई। किसी तरह उसे छुड़ाकर पुलिस थाने ले गई। लोगों में इतना गुस्सा था कि नेताओं की बात सुनने को भी तैयार नहीं थे। भीड़ की मांग थी कि एसओ को तत्काल सस्पेंड किया जाए। इससे एक बार फिर हंगामा बढ़ गया। फिर एसपी देहात ने आईजी जोन और डीआईजी से मोबाइल पर बात की। तब उन्होंने एसओ को हटाने की घोषणा की। इसके बाद लोग शांत हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed