गैंगरेप पीड़िता आईसीयू में भर्ती, मेरठ में तनाव
खरखौदा के गैंगरेप और धर्मांतरण मामले की शिकार पीड़िता की तबियत बिगड़ने पर उसे बुधवार दोपहर गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इलाज कर रहे तीन डॉक्टरों के पैनल का कहना है कि लड़की का आपरेशन तो किया गया है, मगर अंदर कौन से अंगों से छेड़खानी की गई है, यह डिटेल पूरी जांच से ही पता चलेगी। पीड़िता से मिलने शाम को कांग्रेसी नेता व फिल्म अभिनेत्री नगमा, केंद्रीय मंत्री वीके सिंह और महिला आयोग की अध्यक्षा जरीना उस्मानी भी पहुंचीं।
इधर, पीड़िता ने खुलासा कि हापुड़ में अपने गांव के मदरसे में पढ़ाने के दौरान ही पड़ोसन और मदरसे वाले उसका माइंड वॉश कर रहे थे। उसे धर्म बदलने के लिए बहका रहे थे। उसे एक किताब ‘आपकी अमानत आपकी सेवा में’ भी दी थी। इस बीच उसके एग्जाम आने के कारण उसने नौकरी छोड़ दी।
डॉक्टरों ने बताई थी फेलोपियन ट्यूब निकालने की बात
पीड़िता की मानें तो आपरेशन के बाद जब उसने डॉक्टरों से पूछा तो उन्होंने बताया था कि उसे बताया था कि फेलोपियन ट्यूब में गर्भ बनने की वजह से उसकी फेलोपियन ट्यूब निकाली गई है। इस संबंध में जब यशोदा अस्पताल केडॉक्टरों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि सामान्य जांच से फेलोपियन ट्यूब निकाले जाने का पता नहीं चलता है। अगर पीड़िता कह रही है तो इसे मान लेना चाहिए।
वीके सिंह ने की सीबीआई जांच की मांग
पीड़िता ने यह बताया कि 29 जून को हापुड़ में उसका अपहरण किया गया। मदरसे में ले जाकर उससे गैंगरेप किया गया। इसके बाद वह घर आ गई, मगर डर की वजह से परिजनों को कुछ नहीं बताया। उसे धमकाया गया था कि अगर किसी को कुछ बताया तो परिवार वालों को मार डालेंगे। 23 जुलाई को वह मेडिकल स्टोर पर दवा लेने जा रही थी तभी आरोपी उसे अस्पताल ले गए और उसका आपरेशन कराया। 29 जुलाई को उसे अगवा कर गढ़मुक्तेश्वर ले गए, वहां गांव दौताई और पोपई में रखा गया, जहां उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। 30 जुलाई को उसे मुजफ्फरनगर के एक मदरसे में ले जाया गया। वहां उसे बंधक बनाकर रखा गया। 3 अगस्त को वह वहां से किसी तरह भागकर घर पहुंच गई।
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सीबीआई जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। उधर, कांग्रेसी नेता और अभिनेत्री नगमा का कहना था कि इसे सांप्रदायिकता से नहीं बल्कि अपराध की नजर से देखा जाना चाहिए। महिला आयोग की अध्यक्षा जरीना उस्मानी का कहना था कि पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की है। मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट सीएम को भेजी जाएगी।
किसी तरह के बवाल और हंगामा के मद्देनजर यशोदा अस्पताल के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है।
मेरठ में तनाव बरकरार
चौथे दिन भी मेरठ इस मामले को लेकर तनाव बरकरार रहा। भाजपा और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का दिनभर शहर और देहात में हंगामा चला। मेरठ-हापुड़ मार्ग जाम कर थाना खरखौदा में तोड़फोड़ की कोशिश की गई। देर रात खरखौदा में धार्मिक स्थलों और आसपास के घरों में पथराव से आधा दर्जन लोग घायल हो गए।
खरखौदा क्षेत्र की युवती से गैंगरेप और जबरन धर्मपरिवर्तन का मामला देश में आग की तरह फैल गया है। लव जेहाद का यह मामला संसद में गूंजने के बाद माहौल और गरमा गया है। बुधवार को हिंदू संगठन के नेताओं में सुदर्शन चक्र महाराज, बलराज डूंगर और बेटी बचाओ संघर्ष समिति अपने-अपने कार्यकर्ताओं को लेकर खरखौदा स्थित साईं मंदिर पहुंची। हाथों में काली पट्टी बांधकर पहुंची भीड़ ने खरखौदा थाने का घेराव कर दिया। पुलिस से धक्कामुक्की होने से तनाव फैल गया।
नारेबाजी और हंगामा करते लोग थाना परिसर से सड़क तक धरने पर बैठ गए। इस दौरान हापुड़-मेरठ मार्ग जाम कर दिया गया। थाने में तोड़फोड़ की भी कोशिश की गई। करीब तीन घंटे तक हंगामा कर समिति कार्यकर्ताओं ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी, मदरसों की जांच, जालिमों को फांसी, पीड़ित युवती को सरकारी नौकरी, परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद, तत्कालीन एसओ दिनेश कुमार को सस्पेंड करने और मामले की सीबीआई जांच की मांग संबंधी ज्ञापन राज्यपाल के नाम एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग को सौंपा।
शहर में भाजपाइयों का प्रदर्शन
उधर, कार्यकर्ताओं के साथ आईजी जोन कार्यालय पहुंचे कैंट से भाजपा विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी, मामले की सीबीआई जांच और पश्चिमी उतर प्रदेश के सभी मदरसों की जांच कराने की मांग की। ऐसा न हो पर भाजपा ने सड़क पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। आईजी आलोक शर्मा ने विधायक को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, भाजपा महिला मोर्चा ने डीआईजी ऑफिस पर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई। एसओ महिला थाना को ज्ञापन सौंपा गया।
थाने की दीवार पर चढ़ी भीड़:
पुलिस ने मेरठ-हापुड़ मार्ग पर जाम लगाने से भीड़ को रोका तो वह थाने की दीवारों पर चढ़ गई। गुस्साए लोगों ने थाने में तोड़फोड़ का भी प्रयास किया, लेकिन गणमान्य लोगों ने स्थिति संभाल ली।
गांव में पंचायतों का दौर जारी:
युवती के गांव में चौथे दिन भी पंचायतों का दौर जारी रहा। भाजपा नेता और हिंदू संगठन कार्यकर्ता दिनभर गांव में डटे रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री और कांग्रेस नेता नगमा भी कार्यकर्ताओं के साथ युवती के गांव पहुंचीं। इसके अलावा बसपा के पदाधिकारी भी पीड़ित परिवार से मिले और आरोपियों को सजा दिलाने का आश्वासन दिया।
मामले में एक और आरोपी का नाम जुड़ा
खरखौदा क्षेत्र की युवती से गैंगरेप और धर्मांतरण के मामले में एक और आरोपी का नाम जुड़ गया है। पुलिस के अनुसार इस शख्स ने मदरसे में जाकर युवती को जान से मारने और सबक सिखाने की धमकी दी थी। आईजी जोन का कहना है कि आरोपी का नाम विवेचना में शामिल कर लिया गया है।
खरखौदा थाने पर तीन अगस्त को पीड़िता के पिता की तरफ से खरखौदा क्षेत्र निवासी नवाब, सनाउल्ला, उसकी पत्नी, निशात और हशमत को नामजद, जबकि मदरसा हापुड़ के चार अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। पुलिस नामजद तीन आरोपियों के अलावा धर्मांतरण का फर्जी शपथपत्र बनाने के मामले में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है। बुधवार को इस केस में एक और नामजद आरोपी सोनू का नाम जुड़ा। आईजी जोन आलोक शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सोनू के संबंध में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। प्राथमिकता उसकी गिरफ्तारी की है। विवेचना में ही तय हो पाएगा कि वह इस केस में किस तरह जुड़ा है।
सोतीगंज से जुड़े हैं तार:
पुलिस सूत्रों के अनुसार युवती जिस मदरसे में पढ़ाती थी। सोनू का वहां आना-जाना रहा है। किसी बात पर युवती ने सोनू का विरोध किया था। इस पर उसने उसे सबक सिखाने की धमकी दी थी। युवती के गांव में फेरी लगाने वाला यह शख्स कबाड़ी का काम करने लगा था। सोतीगंज से जुड़ाव होने पर यह कार चोर बन गया। चोरी की गाड़ियां सोतीगंज में कटवाने में भी इसका नाम आ चुका है। तीन अगस्त को जब युवती का मामला थाने पहुंचा, तब से सोनू फरार है।
'प्रदेश में नौकर बनकर काम कर रहे अफसर'
पार्टी के विशेष सदस्यता अभियान में पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री ने कहा है कि भाजपा ने हर घटना को सांप्रदायिक रंग देकर वेस्ट यूपी का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है। वहीं, सपा सरकार में डीएम और एसएसपी मंत्रियों के नौकर बनकर काम रहे हैं। इससे हालात अनियंत्रित हो रहे हैं।
कमिश्नरी पार्क में पत्रकारों से बातचीत में निर्मल खत्री ने कहा कि वेस्ट यूपी में ध्रुवीकरण के लिए सपा ने सोची-समझी साजिश के तहत भाजपा के साथ दंगे को हवा दी। लेकिन सपा जैसा चाहती थी, वैसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर के बाद मुरादाबाद का कांठ प्रकरण हो या फिर सहारनपुर दंगा और अब खरखौदा का मामला, भाजपा ने हर प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देकर तनाव उत्पन्न किया है। भाजपा और आरएसएस इसे हवा देने का काम कर रहे हैं। ऐसे में अगर अनजाने में भी किसी मंदिर-मस्जिद से कार टकरा जाए तो वहां दंगा भड़क सकता है। सहारनपुर में जिसने भी आग लगाई, उसकी लपट पूरे प्रदेश में दिखी।
निर्मल खत्री ने सपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा सरकार की साख खत्म हो चुकी है। यहां छोटा गुंडा भी गुर्रा रहा है। 26 जुलाई को शांति मार्च निकालने जा रहे कांग्रेसियों के साथ सपा सरकार ने दंगाइयों जैसा बर्ताव किया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की वजह यह है कि अच्छे अफसरों को भ्रष्ट मंत्री दंडित कर रहे हैं। ऐसे में न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती।
बागपत सांसद ने सरकार को चेताया
बागपत से भाजपा सांसद व मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर डा. सतपाल ने कहा कि मेरठ में किशोरी के साथ दुराचार और धर्मपरिवर्तन के मामले में पुलिस को चाहिए कि वह तह तक जाकर जांच करे। तभी सच्चाई सामने आ पाएगी। भाजपा सांसद डा. सतपाल अमरोहा के सांसद कंवर सिंह तंवर के झनकपुरी स्थित फार्म हाउस पर कार्यकर्ताओं के बीच बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस मामले में लीपापोती करने की कोशिश की गई तो भाजपा चुप नहीं बैठेगी। जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही हैं, महिलाएं और लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं।
कहा कि प्रदेश सरकार के खिलाफ भी संघर्ष किया जाएगा। अमरोहा सांसद कंवर सिंह तंवर ने कहा कि महिलाओं पर होने वाले उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन भेदभाव का रास्ता छोड़कर ईमानदारी के साथ काम करें। ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके।