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नौकरी चाहिए तो कर लो शादी, रिश्वत की रकम माफ!

Fri, 12 Jul 2013 01:51 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Fri, 12 Jul 2013 01:51 PM IST
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gang asked for marriage in kpsc job fraud

कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की भर्तियों में अजीबोगरीब फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस फर्जीवाड़े को चलाने वाला गिरोह नौकरी दिलाने के बदले न केवल पैसा लेता था बल्कि शादी भी कराता था।

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सीआईडी जांच में भंडाभोड़ हुए इस फर्जीवाड़े के सरगना पिता पुत्र थे।

केपीएससी के सदस्यों, अधिकारियों ओर बिचौलियों से सीआईडी को इस फर्जीवाड़े के बारे में कई जानकारियां मिलीं। जांच में पता चला कि गिरोह ने केपीएससी में विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग कीमत तय कर रखी थी।
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टीओआई के मुताबिक जांचकर्ताओं का कहना है कि केपीएससी में हर पद के लिए अलग रकम तय थी। असिस्टेंट कमिश्नर, पुलिस उप अधीक्षक और वाणिज्यिक कर अधिकारी के लिए सबसे ज्यादा 40 से 60 लाख की कीमत रखी गई थी। तहसीलदार के पद के लिए 20 से 30 लाख रुपए लिये जाते थे।
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शादी करने पर रिश्वत माफ
सीआईडी के मुताबिक पिता पुत्र इस फर्जीवाड़े के जरिए अपनी जाति के लोगों की शादी करने में भी सहायता कर रहे थे।

इनकी जाति में शादी एक उप संप्रदाय तक ही सीमित है। ऐसे में पिता-पुत्र नौकरी चाहने वाले लड़के और लड़कियों की अपनी जाति में शादी तय करते थे। ऐसे में वह उनसे रिश्वत नहीं लेते थे।


केपीएससी के अध्यक्ष और एक सदस्य ने यह भी बताया है कि उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र तब ही मिलता था जब वह शादी कर लेते थे।

इतना ही नहीं शादी कराने के लिए वह अपने लोगों और अधिकारियों से वाहवाही भी लूटते थे और उनका सम्माजनक स्थान था।

देते थे रिश्वत की वसूली की सलाह
बिचौलिये के तौर पर काम करने वाले ये आरोपी सलाहकार भी थे। जिनसे वह रिश्वत लेते थे उन्हें नौकरी के दौरान उस पैसे की वसूली के सुझाव भी दिया करते थे और रिश्वत लेने में उन्हें मदद भी करते थे।

उम्मीदवारों के पास रुपए न होने पर वह अधिकारियों से उनकी सिफारिश भी करते थे और नौकरी मिलने के बाद पूरा पैसा चुकाने की मंजूरी दिलवाते थे।

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