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मुश्किल में नितिन गडकरी, आयकर का नोटिस

Sun, 13 Jan 2013 01:01 AM IST
नागपुर/एजेंसी
नागपुर/एजेंसी Updated Sun, 13 Jan 2013 01:01 AM IST
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gadkari in trouble income tax department summons

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी को आयकर विभाग ने तलब किया है। दूसरी बार भाजपा अध्यक्ष बनने की तैयारी कर रहे गडकरी के लिए यह नोटिस मुश्किलें पैदा कर सकता है। उल्लेखनीय है कि विभाग गडकरी और उनके कारोबार से संबंध रखने वाली कुछ कंपनियों के खिलाफ कर चोरी और अन्य मामलों की जांच कर रहा है।

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विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा है कि गडकरी को नोटिस भेजकर खुद पेश होने को कहा गया है ताकि संबंधित कागजात सामने रख कर उनसे पूछताछ की जा सके। सूत्रों के अनुसार गडकरी ने विभाग से दो सप्ताह की मोहलत मांगी थी क्योंकि इस दौरान वह नागपुर में नहीं रहेंगे। अत: उन्हें 21 जनवरी को पेश होने को कहा गया है।
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आयकर विभाग गडकरी की कंपनी पूर्ति पावर एंड शुगर लिमिटेड (पीपीएसएल) में निवेश करने वाली कंपनियों की जांच कर रहा है। उसने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट दिल्ली स्थित सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज को भी भेजी है। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग ने पीपीएसएल के साथ ‘लेन-देन के संबंध रखने वाली’ करीब 30 कंपनियों के विस्तृत खातों की जांच की है।
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वैसे गडकरी के नजदीकी सूत्रों का दावा है कि उन्हें आयकर विभाग की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है और न ही उन्हें अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पीपीएसएल के खिलाफ आयकर का एक मामला कुछ समय से जारी है लेकिन उसमें गडकरी का नाम नहीं है। गडकरी ने कुछ समय पहले पूर्ति समूह से इस्तीफा दे दिया था।

फर्जी कंपनियों का जाल
भाजपा अध्यक्ष पर पिछले वर्ष आरोप लगे थे कि उनके पूर्ति कंपनी समूह में 85 फीसदी पैसा ऐसी कंपनियों का लगा है, जो फर्जी हैं। जिनका अस्तित्व ही नहीं है। साथ ही उनकी कंपनी में ऐसे ठेकेदार द्वारा निवेश के आरोप थे जिसे गडकरी के महाराष्ट्र का लोकनिर्माण मंत्री रहते हुए  ठेके मिले थे।


दूसरे कार्यकाल पर विवाद
गडकरी को दूसरी बार भाजपा अध्यक्ष बनाए जाने के लिए पार्टी के संविधान में संशोधन किया गया। लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप लगन के बाद पार्टी में उनके खिलाफ आवाज उठने लगी। जल्द ही गडकरी की दूसरी ताजपोशी होनी है, ऐसे में आयकर नोटिस विरोधियों को ‘टॉनिक’ दे सकता है।

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