फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Gadkari challenge, get ready for any investigation agency

गडकरी की चुनौती, किसी भी एजेंसी से करा लो जांच

Tue, 23 Oct 2012 10:22 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 23 Oct 2012 10:22 PM IST
विज्ञापन
Gadkari challenge, get ready for any investigation agency
अपनी कंपनी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार पर कांग्रेस के तीखे हमले के जवाब में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। मंगलवार को गडकरी ने अपने बचाव में सरकार को किसी भी एजेंसी से जांच कराने की चुनौती भी दे डाली। भाजपा भी अपने अध्यक्ष के बचाव में उनके साथ खड़ी हो गई है। पार्टी ने गडकरी पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए किसी भी तरीके की जांच कराने की उनकी पेशकश का समर्थन किया है।
विज्ञापन


गडकरी की कंपनी पूर्ति पर लगे आरोपों से गरमाई सियासत पर भाजपा अध्यक्ष का बचाव करते हुए पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने उलटे कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के मामले में दोहरी नीति अपनाने का आरोप जड़ दिया। उनका कहना था कि कांग्रेस एक तरफ गडकरी की कंपनी की जांच की बात तो करती है और दूसरी तरफ रॉबर्ट वाड्रा और वीरभद्र सिंह पर लगे आरोपों की लीपापोती में लगी है। सीतारमण के मुताबिक भाजपा और कांग्रेस में यही फर्क है कि भाजपा किसी भी एजेंसी से हरेक आरोप की जांच के लिए खुले तौर पर कह रही है। लेकिन कांग्रेस भ्रष्टाचार के उजागर होने के बावजूद संबंधित लोगों को बचाने में लगी है।
विज्ञापन


खुद भाजपा अध्यक्ष ने नए आरोपों पर अपनी सफाई देते हुए कहा है कि महाराष्ट्र सरकार में बतौर लोक निर्माण मंत्री रहते हुए निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने की बात बेबुनियाद है। इसीलिए वह खुद पर लगे इन आरोपों की किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि मंगलवार को गडकरी की कंपनी पूर्ति पावर एंड शूगर लिमिटेड को लेकर मीडिया में आई खबर पर सियासत गर्मा गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खबर में कहा गया है कि इस कंपनी को आइडियल रोड बिल्डर्स नाम की उस कंपनी ने पैसे दिए, जिसे 1995 से 99 तक कई ठेके दिए गए। यह सभी ठेके गडकरी के महाराष्ट्र के पीडब्लूडी मंत्री पद पर रहने के दौरान दिए गए। इसके अलावा पूर्ति  के सभी शेयर धारक वह 16 संगठित कंपनियां हैं जिनपर कई सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि इन कंपनियों के पते भी फर्जी हैं। इनमें से पांच कंपनियों के पते दरअसल  मुंबई की झुग्गी बस्तियों के पते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed