फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   gadkari acquired lands with pawar nod

पवार की सांठगांठ से गडकरी ने हड़पी किसानों की जमीन

Wed, 17 Oct 2012 08:20 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 17 Oct 2012 08:20 PM IST
विज्ञापन
gadkari acquired lands with pawar nod
सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने अब भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि नितिन गडकरी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजीत पवार के बीच सांठगांठ है। कारोबारी और राजनीतिक हित साधने में माहिर गडकरी ने महाराष्ट्र में किसानों की जमीन हड़पी है।
विज्ञापन


विदर्भ के उन्मेद तालुका के घुरसापुर ग्राम का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने कहा कि वहां के किसानों की 48 हेक्टेयर जमीन (120 एकड़) को महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के हितों को नजरअंदाज करते हुए नितिन गडकरी को दे दी। इन इलाकों के गांवों में बांध बनाने को लेकर सरकार ने जमीन का अधिग्रहण किया था। हालांकि बांध तैयार हो जाने के बाद काफी जमीन बच गई थी जिसका बड़ा हिस्सा गडकरी की संस्था को दे दिया गया।

विज्ञापन


केजरीवाल ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि खुद गडकरी ने इंडिया अगेंस्ट करप्शन की कार्यकर्ता अंजलि दमानिया से कहा था कि उनके पवार से अच्छे रिश्ते हैं और सिंचाई घोटाला पर वे कुछ नहीं बोल सकते हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के बहुचर्चित सिंचाई घोटाला पर पवार और गडकरी चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? 2005 में निजी हित के लिए नितिन गडकरी ने राकांपा के वरिष्ठ नेता अजीत पवार को चिट्ठी लिखी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


केजरीवाल ने कहा कि सच तो यह है कि गडकरी राजनेता के अलावा बड़े कारोबारी हैं। महाराष्ट्र में जो किसानों के लिए बांध बनाए गए उसका पानी गडकरी की कंपनी के लिए उपयोग हो रहा है। यह कहानी केवल एक गांव की नहीं है बल्कि पूरे महाराष्ट्र की है।


विदर्भ में किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए केंद्र सरकार जो फंड भेजती है उसे कुछ लोग बीच में गायब कर रहे हैं। यहां तक जो विदर्भ इलाके में जो बांध बनाए गए हैं उनमें कई में नहर भी नहीं है। बांध का सारा पानी गडकरी की जमीन के लिए उपयोग किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed