अफजल मामले में कश्मीरी विधायकों के तेवर तीखे
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आशंका के मुताबिक जम्मू कश्मीर विधानसभा में अफजल पर बवाल मचा है। इसके चलते शुक्रवार को कोई कामकाज नहीं हो सका। पीडीपी विधायकों और निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद द्वारा सदन में हंगामे और वेल में नारेबाजी के कारण स्पीकर मुबारक गुल को तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। तीसरी दफा स्पीकर ने कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया।
पीडीपी विधायक अफजल मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रहे थे। इस दौरान नेकां और पीडीपी विधायकों में जमकर तकरार हुई। कांग्रेसी मंत्री और विधायक खामोश रहे। विधायी कार्य और कानून मंत्री मीर सैफुल्ला द्वारा भी विपक्ष को शांत करने की कोशिश नाकाम साबित हुई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस दौरान सदन में मौजूद नहीं थे।
पीडीपी और सीपीएम के बाद अफजल मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए सत्ताधारी नेशनल कान्फ्रेंस ने भी स्थगन प्रस्ताव पेश किया था। स्पीकर ने सदन में तीनों प्रस्तावों पर फैसला सुरक्षित रखने का एलान करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही चलाने का उनका पहला दिन है। इसलिए विपक्ष उन्हें स्थगन प्रस्तावों पर गौर करने का मौका दे। इसके बावजूद पीडीपी विधायक शांत नहीं हुए।
स्पीकर ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू करवाई। इसमें नेकां विधायक अब्दुल गनी मलिक और कांग्रेस विधायक कृष्ण चंद भगत ने हिस्सा लिया, मगर वेल में पहुंचे पीडीपी विधायकों की नारेबाजी के बीच कुछ सुनाई नहीं देर रहा था। इस दौरान इंजीनियर रशीद ने विधानसभा सचिव की टेबल पर लगे माइक को तोड़ने की कोशिश भी की। स्पीकर के निर्देश पर मार्शलों ने संयम बनाए रखा। स्थगन प्रस्तावों को स्पीकर द्वारा चर्चा की इजाजत नहीं देने पर सत्ता पक्ष समर्थित सीपीएम विधायक एमवाई तारीगामी और पीडीएफ के हकीम यासीन ने सदन से वाक आउट कर दिया।
विधान परिषद में भी हंगामा, वाकआउट
अफजल गुरु के मुद्दे पर प्रमुख दल पीडीपी के सदस्यों ने शुक्रवार को विधान परिषद में प्रश्न काल की कार्यवाही शुरू होते ही शुरू कर दिया। उन्होंने अफजल गुरु का शव लौटाये जाने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू की और चेयरमैन अमृत मल्होत्रा के आसन के सामने वेल तक पहुंच गए।
सदन में मौजूद पीडीपी के तीन सदस्य चौधरी निजामुद्दीन खताना, सईद असगर अली और मोहम्मद अशरफ मीर ने कहा कि रियासती सरकार अफजल गुरु का शव वापस उनके लाकर उनके घर वालों को सौंपना ही नहीं चाहती है। पीडीपी चाहती है कि उसके परिजनों को शव लौटाया जाए। चेयरमैन अमृत मल्होत्रा ने पीडीपी सदस्यों को सदन की कार्यवाही में विघ्न न डालने की चेतावनी दी और सदन की कार्यवाही को जारी रखा। इसके बाद नारेबाजी करते हुए पीडीपी के तीनों सदस्य विधान परिषद से वाकआउट कर गए और शुक्रवार को विधान परिषद में पूरे दिन हुई कार्यवाही में इन्होंने हिस्सा नहीं लिया।