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फुकुशिमा कार्टून पर भड़का जापान

Fri, 13 Sep 2013 03:01 PM IST
Updated Fri, 13 Sep 2013 03:01 PM IST
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जापान ने फ्रांस के व्यंग्य साप्ताहिक में प्रकाशित एक कार्टून पर नाराजगी जताई है। उसने इस पर औपचारिक विरोध भी दर्ज कराने की बात कही है।

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कार्टून में परमाणु दुर्घटना से प्रभावित फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के सामने दो सूमो पहलवानों को लड़ते दिखाया है, जिसमें पहलवानों के अतिरिक्त हाथ-पैर हैं।
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शीर्षक है-'धन्यवाद फुकुशिमा, सूमो अब ओलंपिक खेलों में है। 'ये व्यंग्य टोक्यो के वर्ष 2020 ओलंपिक खेलों की मेजबानी का सफल दावा करने के संदर्भ में किया गया है।
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वर्ष 2020 के  ओलंपिक खेलों की मेजबानी पाने के साथ ही वर्ष 2011 में भूकंप और सुनामी के कारण खराब फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को लेकर जो चिंताएं जताई जा रही थीं, उससे जापान उबर गया है।

कार्टून से गलत धारणा

एक जापानी अधिकारी का कहना है कि ये कार्टून जापान के बारे में गलत धारणा पैदा करता है।

'ले कानार्ड एनचाइन' नाम के फ्रेंच साप्ताहिक पत्र में प्रकाशित कार्टून में एक कमेंटर न्यूक्लियर बचाव पोशाक पहने अतिरिक्त अंगों वाले  सूमो पहलवानों के सामने खड़ा है, कार्टून की पृष्ठभूमि में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र है।

फ्रेंच साप्ताहिक ने एक तस्वीर भी प्रकाशित की है, जिसमें दो व्यक्तियों को परमाणु विकिरण बचाव पोशाक पहनकर एक स्विमिंग पूल के सामने विरोध करते दिखाया है। ये व्यंग्य कर रहे हैं कि फुकुशिमा में तो वाटर स्पोर्ट्स सुविधाएं तो पहले ही बना दी गई।

राजधानी टोक्यो से 141 मील दूर उत्तर में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में तीन बार परमाणु दुर्घटना हुई। अंतरराष्ट्रीय पैमाने पर इस हादसे को लेबल सात का माना गया।

जो अब तक इस तरह के दो बड़े परमाणु हादसों में एक है-इसी लेबल का हादसा 1986 में पूर्व सोवियत संघ के चेरनोबिल में हुआ था।

आधिकारिक शिकायत करेंगे

एक जापानी अधिकारी का कहना है कि ये कार्टून जापान के बारे में गलत धारणा पैदा करता है।

'ले कानार्ड एनचाइन' नाम के फ्रेंच साप्ताहिक पत्र में प्रकाशित कार्टून में एक कमेंटर न्यूक्लियर बचाव पोशाक पहने अतिरिक्त अंगों वाले  सूमो पहलवानों के सामने खड़ा है, कार्टून की पृष्ठभूमि में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र है।

फ्रेंच साप्ताहिक ने एक तस्वीर भी प्रकाशित की है, जिसमें दो व्यक्तियों को परमाणु विकिरण बचाव पोशाक पहनकर एक स्विमिंग पूल के सामने विरोध करते दिखाया है। ये व्यंग्य कर रहे हैं कि फुकुशिमा में तो वाटर स्पोर्ट्स सुविधाएं तो पहले ही बना दी गई।

राजधानी टोक्यो से 141 मील दूर उत्तर में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में तीन बार परमाणु दुर्घटना हुई। अंतरराष्ट्रीय पैमाने पर इस हादसे को लेबल सात का माना गया।

जो अब तक इस तरह के दो बड़े परमाणु हादसों में एक है-इसी लेबल का हादसा 1986 में पूर्व सोवियत संघ के चेरनोबिल में हुआ था।

आधिकारिक शिकायत करेंगे

एक जापानी अधिकारी का कहना है कि ये कार्टून जापान के बारे में गलत धारणा पैदा करता है।

'ले कानार्ड एनचाइन' नाम के फ्रेंच साप्ताहिक पत्र में प्रकाशित कार्टून में एक कमेंटर न्यूक्लियर बचाव पोशाक पहने अतिरिक्त अंगों वाले  सूमो पहलवानों के सामने खड़ा है, कार्टून की पृष्ठभूमि में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र है।

फ्रेंच साप्ताहिक ने एक तस्वीर भी प्रकाशित की है, जिसमें दो व्यक्तियों को परमाणु विकिरण बचाव पोशाक पहनकर एक स्विमिंग पूल के सामने विरोध करते दिखाया है। ये व्यंग्य कर रहे हैं कि फुकुशिमा में तो वाटर स्पोर्ट्स सुविधाएं तो पहले ही बना दी गई।

राजधानी टोक्यो से 141 मील दूर उत्तर में फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में तीन बार परमाणु दुर्घटना हुई। अंतरराष्ट्रीय पैमाने पर इस हादसे को लेबल सात का माना गया।

जो अब तक इस तरह के दो बड़े परमाणु हादसों में एक है-इसी लेबल का हादसा 1986 में पूर्व सोवियत संघ के चेरनोबिल में हुआ था।

आधिकारिक शिकायत करेंगे

जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिहिदे सुगा ने कहा कि सरकार इस मैगजीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराएगी।

उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ''इस तरह की व्यंग्यपूर्ण तस्वीरें हादसे का शिकार हुए लोगों को तकलीफ पहुँचाती हैं।''

उन्होंने आगे कहा, ''इस तरह की पत्रकारिता बर्बाद पानी की समस्या पर गलत धारणा भी पैदा करती है।''

तीन बार परमाणु दुर्घटना होने के बाद से ही इस प्लांट में कई तरह की समस्याएं जारी हैं, मसलन स्टोरेज टैंक से रेडियोएक्टिव पानी का रिसाव हुआ और चिंता जाहिर की जा रही है कि ये पानी क्षतिग्रस्त रिएक्टर इमारत से मैदान तक जा पहुंचा।


बनेगी बर्फ की दीवार

जापान का कहना है कि प्लांट संबंधी कई मामलों को सुलझाया जा सकता है, उसने रिएक्टर की इमारत के चारों ओर  बर्फ की दीवार बनाने के लिए फंडिंग का वादा किया है ताकि रिसाव को थामा जा सके।

ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने के लिए दावा करते वक्त प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को आश्वस्त किया कि स्थितियां नियंत्रण में हैं।

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