पुणे में एफटीआईआई के पांच छात्र गिरफ्तार
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भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) के छात्रों और प्रशासन के बीच टकराव नए मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस ने कैंपस से पांच छात्रों को देर रात गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने एफआईआर में नामजद 17 छात्रों में से पांच को गिरफ्तार कर लिया है।
इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर प्रशांत पाथराबे ने उन छात्रों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने कहा था कि सोमवार रात उन्हें 6 घंटों तक घेर कर रखा था।
पुलिस कैंपस में करीब 1 बजे आई थी। बाकी नामजद छात्र कैंपस में नहीं थे। जिन 17 लोगों पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, उनमें से तीन लड़कियां हैं। लड़कियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
एफआईआर में 30 अन्य छात्रों के भी नाम हैं। इन छात्रों पर आईपीसी के सेक्शन 147 (दंगा), 143, 149 (गैरकानूनी जुटान), 353 (सरकारी काम में बाधा), 341 (गलत हस्तक्षेप) और 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
गिरफ्तारी के बाद बड़ी संख्या में छात्र के साथ कुछ फैकल्टी मेंबर्स भी पुलिस स्टेशन पहुंच गए। जब पुलिस से आधी रात को धावा बोलने की वजह के बारे में पूछा गया तो पुलिस ने छात्रों से कहा कि उन्होंने निर्देश का पालन किया है।
केजरीवाल ने दिया ऑफर
छात्रों ने प्रशांत का घेराव एक प्रशासनिक फैसले के खिलाफ किया था। इंस्टिट्यूट की तरफ से 2008 के बैच के छात्रों के अधूरे डिप्लोमा फिल्म प्रॉजेक्ट की जांच के लिए कहा गया है।
छात्रों ने इस फैसले को तर्कहीन, अनुचित और बेमतलब का बताया है। छात्रों ने इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर को तब मुक्त किया था जब वह इस जांच को मंगलवार सुबह तक रोकने पर राजी हो गए। लेकिन निदेशक ने एफआईआर दर्ज करवा दी।
छात्रों में इस बात को लेकर रोष है। अभिनेता गजेंद्र चौहान को संस्था का चेयरमैन बनाए जाने के खिलाफ एफटीआईआई के छात्र 68 दिनों से हड़ताल पर रहे हैं।
उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने करके इस घटना के लिए सरकारी नीति को दोषी बताया है। साथ ही उन्होंने ऑफर दिया है कि दिल्ली में अस्थाई जगह पर एफटीआईआई के छात्रों के क्लास चलायी जा सकती है।