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टीपू सुल्तान की जयंती को लेकर कांग्रेस-भाजपा में रार

Fri, 26 Dec 2014 01:12 AM IST
Updated Fri, 26 Dec 2014 01:12 AM IST
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Fresh controversy over the Tipu Sultan birth anniversery celebration.

ऐसा लगता है कि राजनीतिक पार्टियों के बीच महापुरुषों की जयंती मनाने की होड़ सी मच गई है।

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अब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने 18वीं सदी के राजा टीपू सुल्तान की जयंती मनाने का ऐलान किया है, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी भाजपा ने टीपू को तानाशाह करार देते हुए कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह वोट बैंक हथियाने के लिए वह ऐसे काम कर रही है।
 
22 दिसंबर को एक समारोह में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इतिहासकार प्रोफेसर बी शेख अली की लिखी किताब ‘टीपू सुल्तान: ए क्रूसेडर फार चेंज’ का लोकार्पण करने के दौरान कहा, ‘हर ओर से टीपू सुल्तान की जयंती मनाने का दबाव है। हमने लोगों का ख्याल करते हुए इसे मनाने का फैसला किया है, जिसकी तारीख के बारे में जल्द ही ऐलान कर दिया जाएगा।’

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कहा, तानाशाह थे तत्कालीन मैसूर के शासक

Fresh controversy over the Tipu Sultan birth anniversery celebration.

वहीं, प्रदेश भाजपा ने टीपू को तानाशाह बताते हुए कहा है कि टीपू ने अपनी सेनाओं के दम पर कोडगू और दक्षिण कर्नाटक जिलों और पड़ोसी केरल में बडे़ पैमाने पर धर्म परिवर्तन कराए थे।

भाजपा नेता सुरेश कुमार ने कहा कि टीपू कोई ऐसी शख्सियत नहीं हैं कि सरकार उनकी जयंती मनाए। उन्होंने कहा कि टीपू ने कुर्गों (कोडगू निवासी) समेत आम लोगों अत्याचार ढाए थे।

मैसूर के शासक थे टीपू
टीपू मैसूर साम्राज्य का शासक थे। जिन्हें तत्कालीन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी अपना दुश्मन मानती थी। ब्रिटिश सेनाओं से अपने मशहूर किले श्रीरंगपट्टम को बचाने की कोशिश में वह मई, 1799 में मारे गए थे।

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